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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 23 मई से जिले के सभी मतदान केंद्रों पर अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची प्रकाशित की जाएगी। यह सूची लगातार दो सप्ताह तक मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित रहेगी, ताकि ऐसे मतदाता जिनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में वर्ष 2003 के गहन पुनरीक्षण वाली सूची से लिंक या मैप नहीं हो पाया है, वे इसकी जांच कर सकें। निर्वाचन विभाग के अनुसार अन-मैप्ड मतदाता वे हैं, जिनके नाम का पुराने अभिलेखों से सत्यापन या मिलान अब तक पूरा नहीं हो सका है। ऐसे मतदाताओं को अपने संबंधित मतदान केंद्र पर जाकर सूची में अपना नाम अवश्य जांचना चाहिए। यदि किसी मतदाता का नाम अन-मैप्ड सूची में शामिल है, तो उन्हें अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से संपर्क कर आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे, ताकि मैपिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि सूची का प्रदर्शन मतदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। समय पर मैपिंग नहीं होने की स्थिति में भविष्य में मतदाता सूची से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए संबंधित मतदाताओं को निर्धारित अवधि के भीतर अपने नाम का सत्यापन कराना जरूरी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित सूची का अवलोकन करें और किसी भी प्रकार की त्रुटि या विसंगति मिलने पर तत्काल बीएलओ को सूचित करें। इससे मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने में मदद मिलेगी तथा आगामी चुनावों में मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्या करें मतदाता 23 मई से अपने मतदान केंद्र पर जाकर अन-मैप्ड सूची में नाम जांचें। नाम मिलने पर संबंधित बीएलओ से संपर्क करें। आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग कराएं। दो सप्ताह के भीतर प्रक्रिया पूरी करें, ताकि मतदाता रिकॉर्ड सही तरीके से अपडेट हो सके। लिस्ट में होगा नाम तो बीएलओ से संपर्क कर पूरी करानी होगी मैपिंग प्रक्रिया
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