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Bokaro Farmer Cheap Technique To Save Nursery: नर्सरी को सुरक्षित रखने के लिए बोकारो के किसान सावन ने पुआल के इस्तेमाल की बेहद सस्ती और प्रभावी तकनीक तैयार की है. इसमें खर्च कम आता है और सब्जियों के पौधे सुरक्षित रहते हैं. जानते हैं यह कैसे काम करती है.
बोकारो. बरसात का मौसम सब्जियों की खेती के लिए जितना अनुकूल माना जाता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी होता है, क्योंकि लगातार बारिश और अचानक निकलने वाली तेज धूप के कारण नर्सरी में तैयार हो रहे छोटे पौधों के खराब होने का खतरा काफी बढ़ जाता है. ऐसे में कई किसान प्लास्टिक ट्रे, शेड नेट या पॉलीहाउस का सहारा लेते हैं, लेकिन इन पर होने वाला खर्च छोटे किसानों के लिए मुश्किल पैदा करता है.
बेहद सस्ता समाधान
इसी समस्या का बेहद सस्ता और कारगर समाधान बोकारो जिले के जमुनियाटांड़ गांव के प्रगतिशील किसान सावन ने निकाला है. उन्होंने पुवाल (पराली) का उपयोग कर ऐसा देसी जुगाड़ तैयार किया है, जिससे किसान बेहद कम लागत में सुरक्षित नर्सरी तैयार कर सकते हैं. इस तकनीक से खासतौर पर बैंगन, टमाटर और अन्य सब्जियों के पौधों का अंकुरण बरसात में सुरक्षित तरीके से होता है.
जानिए पूरा तरीका
किसान सावन बताते हैं कि बरसात में नर्सरी तैयार करने के लिए सबसे पहले खेत की गहरी जुताई कर खरपतवार साफ करें. इसके बाद उठी हुई क्यारी (बेड) बनाकर बीजों की बुवाई करें और हल्की मिट्टी से ढक दें. फिर पूरी क्यारी के ऊपर पुवाल की एक परत बिछा दें. उनके अनुसार पुवाल प्राकृतिक ढाल का काम करता है.
यह तेज बारिश से बीजों का बहाव रोकता है, मिट्टी में नमी बनाए रखता है और तेज धूप से भी पौधों की रक्षा करता है. वहीं एक सप्ताह में अंकुरण होने के बाद अतिरिक्त पुवाल हटा दें और केवल हल्की परत रहने दें. इससे पौधों की जड़ों का विकास बेहतर होता है और करीब 20 से 25 दिनों में पौधे रोपाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं.
500 की लागत में 400 पौधे होंगे सुरक्षित
किसान सावन के अनुसार जहां पारंपरिक तरीके से नर्सरी तैयार करने में 5,000 से 10,000 रुपये तक खर्च हो सकता है, वहीं इस देसी तकनीक में करीब 35 किलो पुवाल और 400 से 500 रुपये की लागत में 300 से 400 पौधे सुरक्षित तैयार किए जा सकते हैं.
किसान सावन का कहना है कि यह तरीका न केवल किसानों की लागत कम करता है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है और छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह काफी लाभदायक साबित हो सकता है.
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Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…
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