जमशेदपुर. भारत प्रतिभाओं का देश है. यहां हर गली, मोहल्ले और छोटे शहरों में ऐसे कई हुनरमंद लोग मौजूद हैं, जिनकी कला और मेहनत किसी बड़े मंच की हकदार होती है. झारखंड के जमशेदपुर के बिरसानगर निवासी सुदेश पुराण भी ऐसे ही युवा कलाकार हैं, जो अपनी अनोखी चौक (Chalk) आर्ट के जरिए लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. महज 22 वर्ष की उम्र में सुदेश अपनी दीवारों पर बनाई गई शानदार कलाकृतियों के कारण सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक चर्चा का विषय बने हुए हैं.
हमेशा मिला परिवार का साथ
साधारण परिवार से आने वाले सुदेश की सफलता की कहानी संघर्ष और जुनून से भरी हुई है. उनकी माता बबीता देवी एक स्कूल में कार्यरत हैं, जबकि पिता भीमसेन पुराण निजी काम करते हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं होने के बावजूद सुदेश ने कभी अपने सपनों को छोटा नहीं होने दिया. उनकी छोटी बहन मोनिका ने हाल ही में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है. पूरे परिवार ने हमेशा सुदेश की कला को आगे बढ़ाने में उनका साथ दिया है.
किराए के कमरे से शुरुआत
सुदेश केवल एक कलाकार ही नहीं, बल्कि एक मल्टी टैलेंटेड युवा हैं. उन्हें योग, डांस, जिम और आर्ट जैसी कई गतिविधियों में रुचि है. हालांकि उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी चौक आर्ट है. सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने एक छोटे से किराए के कमरे से अपनी कला की शुरुआत की. शुरुआत में उनके पास न तो बड़ा स्टूडियो था और न ही महंगे उपकरण, लेकिन उनके जुनून ने उन्हें लगातार आगे बढ़ाया.
जब दीवार बनी कैनवास
जब उनकी मां ने उनकी प्रतिभा और लगन को देखा, तो उन्होंने एक ऐसे घर को किराए पर लिया, जहां छत के ऊपर बड़ी खाली दीवारें थीं. यही दीवारें सुदेश के लिए कैनवास बन गईं. उन्होंने इन दीवारों पर चौक से ऐसी जीवंत और आकर्षक तस्वीरें उकेरीं कि देखने वाले दंग रह जाते हैं.
उनकी कलाकृतियों में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, राघव जुयाल, बादशाह, रतन टाटा, राधा-कृष्ण, लोकप्रिय यूट्यूबर आई शो स्पीड (IShowSpeed) समेत कई बॉलीवुड, हॉलीवुड और अन्य प्रसिद्ध हस्तियों के चित्र शामिल हैं. उनकी बनाई तस्वीरों में चेहरे के भाव, बारीकियां और वास्तविकता का ऐसा मेल दिखाई देता है कि वे किसी पेंटिंग से कम नहीं लगतीं.
सच्ची सफलता के आगे नहीं टिकती परेशानी
सुदेश बताते हैं कि उनका सबसे बड़ा सपना अपना खुद का घर बनाना है, जहां वह एक बड़ा आर्ट स्टूडियो तैयार कर सकें और अपनी कला को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें. उनका मानना है कि अगर मेहनत और लगन सच्ची हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते.
सोशल मीडिया पर भी छाए
आज सुदेश की कला सोशल मीडिया पर भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है. उनकी शानदार चौक आर्ट को सोशल मीडिया पर @Flex_artist_sudesh नामक हैंडल पर देखा जा सकता है. जमशेदपुर का यह युवा कलाकार साबित कर रहा है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या बड़े संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि उसे केवल मेहनत, समर्पण और अवसर की जरूरत होती है.