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Bharatpur News : भरतपुर के अपना घर आश्रम में 20 साल बाद राजू अपने परिवार से मिले. छिंदवाड़ा निवासी राजू 2019 में आश्रम आए थे. यह मिलन सभी के लिए भावुक पल था. जब परिजन आश्रम पहुंचे तो शुरुआत में राजू को पहचानना आसान नहीं था. लेकिन बातचीत और पुराने किस्सों के जरिए रिश्तों की पुष्टि हुई.
भरतपुर. भरतपुर के अपना घर आश्रम में उस वक्त बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला, जब करीब 20 साल बाद एक बिछड़ा बेटा अपने परिवार से मिला. मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा निवासी राजू, जो लगभग दो दशक पहले घर से लापता हो गए थे, आखिरकार अपने परिजनों से मिल गए. यह मिलन न सिर्फ परिवार के लिए, बल्कि वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए भावुक कर देने वाला पल बन गया. परिजनों के अनुसार, वर्ष 2019 में राजू को सूरत से रेस्क्यू कर भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम लाया गया था.
जब राजू को आश्रम लाया गया था, उस समय उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति ठीक नहीं थी. आश्रम में उन्हें लंबे समय तक उपचार, देखभाल और पुनर्वास की सुविधा दी गई. धीरे-धीरे उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ और उन्होंने अपने परिवार से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करनी शुरू कीं. आश्रम प्रबंधन ने राजू द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उनके परिजनों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास किए.
कई कोशिशों के बाद परिवार से हुआ संपर्क
लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार आश्रम प्रबंधन का संपर्क राजू के परिवार से हो गया. जब परिजन आश्रम पहुंचे तो शुरुआत में राजू को पहचानना आसान नहीं था. लेकिन बातचीत और पुराने किस्सों के जरिए रिश्तों की पुष्टि हुई. इसके बाद का दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था. वर्षों का बिछड़ाव मानो एक ही पल में खत्म हो गया और परिवार के सदस्यों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े.
मिलन देख भावुक हुए मौजूद लोग
राजू और उनके परिवार के सदस्य एक-दूसरे से गले लगकर रोते नजर आए. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे. परिजनों ने अपना घर आश्रम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इस दुनिया में ऐसी भी संस्था होगी, जो जिनका कोई नहीं होता उन्हें अपने परिवार की तरह अपनाती है.
मानवता की मिसाल बना अपना घर आश्रम
परिजनों ने कहा कि अपना घर आश्रम वास्तव में इंसानियत की मिसाल है और ऐसे आश्रम देश के हर शहर में होने चाहिए. मिलन के बाद राजू अपने परिवार के साथ छिंदवाड़ा के लिए रवाना हो गए. यह कहानी सिर्फ एक परिवार के पुनर्मिलन की नहीं, बल्कि इस बात की भी मिसाल है कि समाज में आज भी मानवता जिंदा है और सही प्रयासों से बिछड़े रिश्ते फिर से जुड़ सकते हैं.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…
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