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India 3000 KM NOTAM: ईरान जंग और रूस-यूक्रेन के बीच सालों से चल रही लड़ाई ने दुनिया के तमाम देशों को एक बार फिर से अपनी सुरक्षा-व्यवस्था के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है. इन दोनों सशस्त्र संघर्षों ने यह बता दिया कि जमीनी लड़ाई के दिन अब लद चुके हैं. मौजूदा समय में जिसके पास जितनी आसमानी ताकत होगी, वो उतना ही ताकतवर होगा. भारत इस दिशा में अहम कदम उठाने जा रहा है.
भारत ने तकरीबन 3000 किलोमीटर तक के लिए NOTAM जारी किया है. इसे हिन्द महासागर क्षेत्र के लिए जारी किया गया है. भारत के इस कदम के बाद अब अग्नि-6 मिसाइल के परीक्षण की संभावनाओं को और बल मिला है. (फाइल फोटो)
India 3000 KM NOTAM: भारत एक बार फिर से लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए हिन्द महासागर में नोटिस टू एयरमेन यानी NOTAM जारी किया गया है. भारत ने 2995 किलोमीटर की दूरी तक के लिए NOTAM जारी किया है. इससे इतना तो तय है कि भारत कम से कम मध्यम दूरी तक की मिसाइल का परीक्षण करने जा रहा है. भारत ने पिछली बार जब NOTAM इश्यू किया था तो अग्नि-4 मिसाइल का परीक्षण किया गया था. नई दिल्ली की तरफ से नया NOTAM जारी करने के ऐलान के बाद अग्नि-6 (Agni-6) का ट्रायल करने की अटकलों को फिर से बल मिला है. दूसरी तरफ, भारत की ओर से ताबड़तोड़ NOTAM घोषित किए जाने से चीन और पाकिस्तान जैसे देशों का कलेजा मुंह को आना स्वाभाविक है.
भारत की ओर से हिंद महासागर क्षेत्र में करीब 2,995 किलोमीटर लंबे समुद्री और हवाई गलियारे के लिए जारी किए गए NOTAM (Notice to Air Missions) ने एक बार फिर बहुचर्चित अग्नि-6 मिसाइल को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं. NOTAM के मुताबिक 2 और 3 सितंबर 2026 को इस क्षेत्र में हवाई और समुद्री ट्रैफिक पर प्रतिबंध रहेगा. हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस अवधि में किस मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा. यह परीक्षण ओडिशा के तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से होने की संभावना जताई जा रही है. यह केंद्र भारत के रणनीतिक मिसाइल परीक्षणों के लिए महत्वपूर्ण है और यहां अग्नि सीरीज की विभिन्न मिसाइलों के अलावा अन्य स्ट्रैटजिक सिस्टम्स के परीक्षण भी किए जाते रहे हैं. समुद्र तल से लेकर अनंत ऊंचाई तक जारी किया गया NOTAM आमतौर पर मिसाइल परीक्षण के दौरान उड़ान मार्ग और संभावित मलबे से नागरिक विमानों को सुरक्षित रखने के लिए जारी किया जाता है.
किस मिसाइल के ट्रायल की संभावना
हालांकि, NOTAM की लंबाई को देखते हुए अग्नि-6 के पूर्ण क्षमता वाले परीक्षण की संभावना कम मानी जा रही है. 2,995 किलोमीटर का गलियारा अग्नि-3 या अग्नि-4 जैसी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण से ज्यादा मेल खाता है. अग्नि-3 की मारक क्षमता करीब 3,000 से 5,000 किलोमीटर और अग्नि-4 की क्षमता करीब 4,000 किलोमीटर बताई जाती है. वहीं अग्नि-2 की रेंज करीब 2,000 से 3,500 किलोमीटर के बीच मानी जाती है. हालिया परीक्षणों का पैटर्न भी इसी ओर संकेत करता है. अगस्त में करीब 2,530 किलोमीटर लंबे NOTAM के बीच अग्नि-4 का परीक्षण किया गया था, जबकि इस मिसाइल की अधिकतम मारक क्षमता उससे अधिक है. इससे संकेत मिलता है कि NOTAM में दी गई दूरी की लंबाई हमेशा मिसाइल की वास्तविक अधिकतम रेंज को नहीं दर्शाती. इस आधार पर आगामी परीक्षण में अग्नि-3 या अग्नि-4 की संभावना अधिक दिखाई देती है. अग्नि-3 भारतीय सेना में जून 2011 में शामिल की जा चुकी है और इसका कई बार परीक्षण हो चुका है. ऐसे में सितंबर का परीक्षण किसी नए संस्करण या प्रणाली की तैनाती के बजाय मिसाइल की विश्वसनीयता, गाइडेंस, री-एंट्री तकनीक या अन्य टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन की पुष्टि से जुड़ा हो सकता है.
India issues a notification for a likely long range missile test in the Indian Ocean Region, range is near 2,995 km