![]()
रांची रेलवे स्टेशन पर शनिवार को आरपीएफ की महिला कांस्टेबल सबिता गाड़ी की सतर्कता और साहस से एक बड़ा हादसा टल गया। मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार के निर्देशों के तहत ड्यूटी पर आरपीएफ लगातार अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में ट्रेन संख्या 18611 रांची- बनारस एक्सप्रेस के प्रस्थान के दौरान एक महिला यात्री अपने पति और छोटे बच्चे के साथ जल्दबाजी में चढ़ने का प्रयास कर रही थीं।
तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म तथा चलती ट्रेन के बीच गैप में गिरकर िघसटने लगीं। ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल सबिता गाड़ी बिना देर किए दौड़ कर वहां पहुंची और महिला को पकड़ कर खींच लिया। ट्रेन पूरी तरह रुकने तक मजबूती से थामे रखा। उनकी सूझ-बूझ और साहस के कारण महिला की जान बच गई और एक गंभीर दुर्घटना टल गई। सबसे बड़ी बात कि मदर्स डे से ठीक पहले उस छोटे से बच्चे के जीवन से मां का साथ छूटने से बच गया। मैं भी एक मां हूं, इसलिए मां को बचाना भावपूर्ण क्षण : सबिता कांस्टेबल सबिता गाड़ी ने बताया कि ड्यूटी के दौरान उनका पूरा ध्यान केवल यात्रियों की सुरक्षा पर केंद्रित रहता है। पुलिसकर्मी के रूप में उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है । सबिता ने बताया कि मदर्स डे के दिन एक मां की जान बचाने का अवसर मिला, जो मेरे लिए बेहद भावुक और गर्व का क्षण था। इस घटना ने एहसास दिलाया कि छोटी सी सतर्कता भी किसी की जिंदगी बचा सकती है। वह खुद भी एक बच्ची की मां हैं, इसलिए एक मां की जान बचाना उनके लिए बड़ी बात है। मौत के मुंह से बची यात्री बोलीं-जीवनरक्षक हैं कांस्टेबल
भुक्तभोगी महिला ने भावुक होकर कहा कि अगर समय पर आरपीएफ जवान ने मदद नहीं की होती तो उनकी जान नहीं बच पाती। उन्होंने कांस्टेबल सबिता गाड़ी का आभार व्यक्त किया और उन्हें अपना जीवन रक्षक बताया। वहीं, मौके पर मौजूद यात्रियों ने भी आरपीएफ की तत्परता की जमकर सराहना की। यात्रियों ने कहा कि यह घटना सुरक्षा बल की कर्तव्यनिष्ठा और मानवता की मिसाल है। कई लोगों ने इसे ‘मदर्स डे पर एक बच्चे और मां के लिए सबसे बड़ा तोहफा बताया।
Source link