भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

मरीजों की कटेगी जेब:सदर का पा​र्किंग शुल्क निगम से दोगुना 3 घंटे...




राजधानी के सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों पर पार्किंग शुल्क का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। अस्पताल परिसर में वाहन पार्किंग की बंदोबस्ती के लिए सिविल सर्जन कार्यालय ने टेंडर निकाला है। इसमें दोपहिया वाहनों की पार्किंग दर नगर निगम की तुलना में अधिक निर्धारित की गई है। नगर निगम की पार्किंग में दोपहिया वाहन तीन घंटे तक खड़ा करने पर 10 रुपए लगते हैं, जबकि सदर अस्पताल में इसी अवधि के लिए 20 रुपए देने होंगे। यानी शुल्क दोगुना होगा। सदर अस्पताल में बड़ी संख्या में गरीब, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मरीज इलाज कराने आते हैं। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने, जांच कराने, रिपोर्ट लेने और दवा प्राप्त करने में कई घंटे लग जाते हैं। ऐसे में वाहन लेकर आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अधिक शुल्क चुकाना पड़ सकता है। टेंडर के अनुसार, दोपहिया वाहन के लिए एक घंटे तक 10 रुपए, दो से तीन घंटे के लिए 20 रुपए और चार से पांच घंटे के लिए 30 रुपए निर्धारित हैं। तीन पहिया वाहन के लिए क्रमशः 15, 25 और 35 रुपए तथा चारपहिया वाहन के लिए 20, 30 और 40 रुपए शुल्क लगेगा। पांच घंटे के बाद सभी श्रेणियों के वाहनों पर प्रत्येक अतिरिक्त घंटे के लिए 10 रुपए देने होंगे। सभी दरें जीएसटी सहित हैं। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है नगर निगम की पार्किंग में पहले 10 मिनट मुफ्त, छुट्टियों में आधा शुल्क नगर निगम की पार्किंग में पहले 10 मिनट वाहन खड़ा करना मुफ्त है। शनिवार, रविवार और राष्ट्रीय अवकाश पर निर्धारित शुल्क का आधा लिया जाता है। वहीं, तीन घंटे तक चारपहिया वाहन खड़ा करने का शुल्क दोनों का 30 रुपए है। हालांकि, सदर अस्पताल के टेंडर में पांच घंटे के बाद हर अतिरिक्त घंटे के लिए 10 रुपए लगेंगे। आज शाम 4 बजे तक आवेदन, गुरुवार को खुलेगी निविदा पार्किंग बंदोबस्ती के लिए 28 अक्टूबर की शाम चार बजे तक आवेदन जमा होंगे। निविदा 29 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे सिविल सर्जन कार्यालय में खुलेगी। बंदोबस्ती की अवधि एकरारनामा की तिथि से 12 महीने होगी। संतोषजनक कार्य होने पर तीन महीने का विस्तार मिल सकेगा। सुरक्षित राशि 16 लाख 83 हजार रुपए है। अस्पताल परिसर में आठ जगह पार्किंग अस्पताल परिसर में पार्किंग के लिए आठ स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें गेट नंबर-1 के बाईं ओर 130×22 फीट यानि 2,860 वर्गफीट, यूजीटी क्षेत्र में 85×20 फीट यानी 1,700 वर्गफीट और गेट नंबर-1 के सामने प्रस्तावित स्थल शामिल हैं। गेट नंबर-2 के बाईं ओर 1,760 वर्गफीट, मंदिर के सामने दोपहिया वाहनों के लिए 450 वर्गफीट और मंदिर के बगल में 700 वर्गफीट जगह निर्धारित है। सभी स्थलों का कुल क्षेत्रफल 7,470 वर्गफीट है। बाहर पार्क कराई तो 50 हजार तक जुर्माना चयनित एजेंसी आवंटित स्थल के बाहर, पीसीसी सड़क या नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन नहीं लगवा सकेगी। नियम तोड़ने पर पहली बार 10 हजार, दूसरी बार 25 हजार और तीसरी बार 50 हजार रुपए जुर्माना लगेगा। चौथी बार उल्लंघन पर निविदा रद्द करने का प्रावधान है। सड़क पर पार्किंग की अनुमति नहीं होगी, ताकि एम्बुलेंस और वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो। भर्ती मरीजों से दिन में एक बार ही शुल्क टेंडर में इंडोर यानी भर्ती मरीजों के परिजनों को राहत दी गई है। उनके वाहनों से दिन में केवल एक बार पार्किंग शुल्क लिया जाएगा। वहीं, सदर अस्पताल के प्रशासनिक कार्यालय, अस्पताल प्रबंधक और अन्य कार्यालयों के पदाधिकारियों के लिए पार्किंग नि:शुल्क रहेगी। चयनित एजेंसी को पार्किंग स्थलों की बैरिकेडिंग अपने खर्च पर करानी होगी। निगम की दरों के अनुरूप शुल्क रखने का प्रयास होगा पार्किंग टेंडर और नियमावली तैयार करने के लिए सिविल सर्जन, उपाधीक्षक समेत 10 डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई थी। कमेटी के सुझाव पर टेंडर निकाला गया है। नीतिगत स्तर पर इसे नगर निगम की पार्किंग दरों के अनुरूप रखने का प्रयास किया जाएगा। – डॉ. विमलेश सिंह, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, रांची



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top