नवंबर का महीना शुरू हो चुका है और इन दिनों देशभर के मौसम का मिजाज दो अलग-अलग तस्वीरें दिखा रहा है. एक तरफ दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने वाला है, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत में मौसम फिलहाल शांत बना हुआ है. चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के कमजोर पड़ने के बाद बने डिप्रेशन का असर अब भी दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में दिखाई दे रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 5 नवंबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी है.
वहीं, ओडिशा और तटीय कर्नाटक में भी बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. दूसरी ओर दिल्ली-NCR में सुबह के वक्त हल्की धुंध या कुहासा देखने को मिल सकता है, लेकिन दिन में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड में भी 5 नवंबर को बारिश के संकेत नहीं हैं. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में सप्ताह के दौरान किसी महत्वपूर्ण मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं जताई है.
तमिलनाडु-कर्नाटक में भारी बारिश की चेतावनी
दक्षिण भारत में 5 नवंबर को मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है. IMD ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इन इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है. केरल और माहे में भी कुछ स्थानों पर बारिश के साथ बिजली चमक सकती है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना है, जबकि तटीय कर्नाटक में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है. लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.Tata का जलवा, Mahindra दूसरे नंबर पर! अक्टूबर में इन 10 कंपनियों ने बेचीं सबसे ज्यादा EV
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण भारत में बारिश का यह दौर केवल 5 नवंबर तक सीमित नहीं रहेगा. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 से 6 नवंबर और फिर 9 से 10 नवंबर के बीच भी बारिश हो सकती है. 7 और 8 नवंबर को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश होने का अनुमान है. केरल, माहे, लक्षद्वीप, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में भी 4 से 10 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है. ऐसे में दक्षिण भारत के लोगों को अगले कई दिनों तक बदलते मौसम के लिए तैयार रहना होगा.
आंध्र प्रदेश में डिप्रेशन का असर, तेज हवाओं के साथ गरज-चमक
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के आसपास बना मौसम तंत्र भी दक्षिण भारत में बारिश की एक बड़ी वजह है. IMD के 4 नवंबर सुबह 8:30 बजे के विश्लेषण के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का अवशेष डिप्रेशन के रूप में पूर्वी तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर सक्रिय था. यह सिस्टम करीब 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा था और तेलंगाना के खम्मम के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 10 किलोमीटर दूर केंद्रित था. मौसम विभाग ने इसके अगले छह घंटों में और कमजोर होकर अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई थी.
डिप्रेशन के कमजोर पड़ने के बावजूद आंध्र प्रदेश में 5 नवंबर को मौसम पूरी तरह शांत नहीं होगा. राज्य के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. राज्य में तेज सतही हवाओं की भी चेतावनी है. रायलसीमा में भी 4 से 8 नवंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर रह सकता है. तेलंगाना में 4 नवंबर को बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई थी, लेकिन 5 नवंबर के दैनिक पूर्वानुमान में राज्य के लिए वैसी भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है.
दिल्ली-NCR में सुबह हल्की धुंध, दिन में खिलेगी धूप
दिल्ली-NCR के लोगों के लिए 5 नवंबर का दिन दक्षिण भारत के मुकाबले काफी शांत रहने वाला है. मौसम विभाग की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी और आसपास के इलाकों में सुबह के समय हल्की धुंध या कुहासा छा सकता है. हालांकि, दिन में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है. यानी सुबह घर से निकलते समय हल्की धुंध का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ होने की संभावना है. दिल्ली में बारिश, आंधी या गरज-चमक को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है.
तापमान को लेकर भी फिलहाल किसी बड़े बदलाव का अनुमान नहीं है. IMD ने अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में खास परिवर्तन नहीं होने की बात कही है. ऐसे में दिल्ली-NCR में मौसम का मिजाज फिलहाल स्थिर रह सकता है. सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है, जबकि दिन में आसमान साफ रहने से धूप निकलने की संभावना है. हालांकि, बुलेटिन में किसी शीतलहर या गंभीर ठंड को लेकर चेतावनी नहीं दी गई है.
उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश में 5 नवंबर को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है. IMD के बुलेटिन में उत्तर-पश्चिम भारत के लिए सप्ताह के दौरान किसी महत्वपूर्ण मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं जताई गई है. इसके आधार पर प्रदेश में व्यापक बारिश, आंधी या गरज-चमक का कोई बड़ा अलर्ट नहीं दिख रहा है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है. हालांकि, अलग-अलग जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के चलते सुबह और रात के तापमान में अंतर महसूस हो सकता है.
प्रदेश में फिलहाल बारिश को लेकर किसी बड़ी चेतावनी का उल्लेख नहीं है. ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम में अचानक बदलाव की चिंता से फिलहाल राहत मिल सकती है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि IMD के दिए गए बुलेटिन में उत्तर प्रदेश के जिलावार तापमान या कोहरे का विस्तृत पूर्वानुमान शामिल नहीं है. इसलिए सुबह की धुंध या स्थानीय मौसम की स्थिति को लेकर जिलेवार अपडेट पर नजर रखना बेहतर होगा.
उत्तराखंड में भी मौसम रहेगा शांत
उत्तराखंड में 5 नवंबर को किसी बड़े मौसमी बदलाव का अनुमान नहीं है. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत में सप्ताह के दौरान कोई महत्वपूर्ण मौसम गतिविधि नहीं बताई है. इसके मुताबिक, राज्य में व्यापक बारिश या आंधी-तूफान की संभावना कम है. पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है. उपलब्ध बुलेटिन में राज्य के लिए भारी बारिश या बर्फबारी की कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है.
हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में ऊंचाई और स्थानीय परिस्थितियों के कारण तापमान में अंतर बना रह सकता है. सुबह और रात के समय ठंडक अधिक महसूस हो सकती है, जबकि दिन में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है. फिलहाल IMD के इस पूर्वानुमान के आधार पर उत्तराखंड में 5 नवंबर को किसी बड़े मौसमी अलर्ट की स्थिति नहीं बन रही है.
बिहार में बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं
बिहार में 5 नवंबर को मौसम के सामान्य रहने की संभावना है. IMD के पूर्वानुमान में पूर्वी भारत के लिए जिन राज्यों में बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें झारखंड, ओडिशा और अंडमान-निकोबार शामिल हैं. बिहार के लिए इस दिन बारिश, गरज-चमक या तेज हवाओं का कोई विशेष अलर्ट नहीं दिया गया है. ऐसे में राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. फिलहाल भारी बारिश या आंधी-तूफान को लेकर किसी बड़ी चेतावनी के संकेत नहीं हैं.
आने वाले दिनों में भी बिहार के लिए इस बुलेटिन में किसी व्यापक बारिश की गतिविधि का उल्लेख नहीं है. हालांकि, सुबह और रात के तापमान में स्थानीय स्तर पर बदलाव हो सकता है. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में सप्ताह के दौरान किसी महत्वपूर्ण मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं जताई है. बिहार के लिए भी 5 नवंबर को मौसम का कोई बड़ा अलर्ट सामने नहीं आया है.
झारखंड में 5 नवंबर को बारिश को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है. IMD के मुताबिक, राज्य में 4 नवंबर और फिर 9 से 10 नवंबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. यानी 5 नवंबर को बारिश की गतिविधि में कमी रहने की संभावना है. राज्य के ज्यादातर इलाकों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है. गरज-चमक या तेज हवाओं को लेकर भी इस दिन कोई विशेष अलर्ट नहीं दिया गया है.
हालांकि, झारखंड के लोगों को अगले कुछ दिनों के मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. 9 और 10 नवंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां दोबारा बढ़ सकती हैं. वहीं, पड़ोसी ओडिशा में 5 नवंबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. दक्षिण ओडिशा में 4 नवंबर को भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई थी.
ओडिशा और मध्य भारत में भी बदलेगा मौसम का मिजाज
ओडिशा में 5 नवंबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. राज्य में 4 नवंबर को दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई थी. इसके बाद भी 5 नवंबर को आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है. ऐसे मौसम में खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए.
मध्य भारत में 4 नवंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान था. दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और राज्य के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई थी. हालांकि, 5 नवंबर के लिए इन इलाकों में कोई बड़ा बारिश अलर्ट नहीं दिया गया है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में इसके उलट 8 से 10 नवंबर के बीच व्यापक बारिश होने की संभावना है. यहां 4 से 7 नवंबर के दौरान भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है.
कुल मिलाकर, 5 नवंबर को देश के मौसम की सबसे सक्रिय तस्वीर दक्षिण भारत में देखने को मिलेगी. तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश, आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी है. ओडिशा और तटीय कर्नाटक में भी बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है. वहीं दिल्ली-NCR में सुबह हल्की धुंध और दिन में साफ आसमान रहने का अनुमान है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड में फिलहाल किसी बड़े बारिश अलर्ट के संकेत नहीं हैं.