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JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने से चयनित अभ्यर्थियों की न सिर्फ नौकरी गई है, बल्कि कइयों की शादी भी टूटने के कगार पर पहुंच गई है. नौकरी मिलने के बाद इसे भविष्य की सुरक्षा मानकर शादी तय हुई थी. घर में तैयारियां भी शुरू हो गईं थी. लेकिन सरकार के एक फैसले के बाद इनके रिश्तों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं.
JSSC-CGL रद्द होने के बाद अब रिश्तों पर संकट(सांकेतिक फोटो)
पलामूः सोचिए, एक युवक कई साल तक मेहनत करता है. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है. दिन-रात किताबों के बीच बिताता है और आखिरकार जब सरकारी नौकरी मिलती है तो परिवार में खुशियों का माहौल बन जाता है. घर में शादी की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. रिश्तेदारों को बुलाने की बातें होने लगती हैं. लेकिन अचानक एक फैसले से पूरी जिंदगी की बनाई योजना पर पानी फिर जाए, तो उस युवक और उसके परिवार पर क्या बीतेगा?
नौकरी के साथ रिश्तों पर संकट
झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों के सामने कुछ ऐसी ही स्थिति पैदा होने लगी है. नौकरी मिलने के बाद जिन युवाओं के विवाह तय हो चुके थे और शादी की तैयारी जोड़-शोर से चल रही थी, अब उनके रिश्तों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. कई चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी बात साझा करते हुए बताया कि उनकी तय चुकी शादी अब टूट रही है. हालांकि सामाजिक मान-सम्मान और दबाव के कारण वे कैमरे पर आने से मना कर दे रहे हैं.
शादी तय थी, लेकिन अब डेट तय नहीं हो पा रही है
पलामू जिला पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाला सुहर्ष मोहन(बदला हुआ नाम) ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि उनका चयन JSSC-CGL में हुआ था. उन्हे ASO का पद मिला था. उसके बाद से घर पर खुशी का माहौल था. नौकरी लगने के बाद कई रिश्ते आने लगे. माता-पिता ने नौकरी को भविष्य की सुरक्षा मानकर एक जगह उनकी शादी तय कर दी. इसके बाद वर और वधू पक्ष शादी की तैयारियों में जुट गए. लेकिन अब परीक्षा रद्द होने की खबर ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है. अब शादी की डेट तय नहीं हो पा रही है.
रक्षाबंधन पर था इंगेजमेंट, पर अब तैयारियों पर लगा विराम
इसी तरह पलामू के उंटारी रोड थाना क्षेत्र के अंकित शर्मा(बदला हुआ नाम) की भी नियुक्ति JSSC-CGL के माध्यम से ASO पद पर हुई थी. जनवरी में रिजल्ट आने के पहले वे झारखंड में ही पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत थे. CGL की फाइनल लिस्ट में नाम आने के बाद उन्हेंने पंचायत सचिव की नौकरी छोड़कर ASO पद पर योगदान दिया. लगा अब करियर सेट हो चुका है. जिसके बाद परिवार ने रिश्तेदारी में ही एक लड़की से शादी तय कर दी गई. रक्षाबंधन के दिन इंगेजमेंट होना है और नवंबर में शादी की बात है. लेकिन बहाली रद्द होने के बाद नौकरी की स्थिति को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है. जिससे शादी के कार्यकर्मों की तैयारियों पर विराम लगता दिख रहा है. ऐसे में परिवार को डर है कि कहीं नौकरी के साथ शादी का रिश्ता भी हाथ से न निकल जाए.
सुहर्ष और अंकित ने कहा कि मध्यम वर्गीय परिवार के युवाओं के पास बहुत सीमित संसाधन होते हैं. परिवार ने किसी तरह उन्हें पढ़ाया था. बहुत परिश्रम के बाद नौकरी मिली थी. अब मानसिक तौर इतना टूट चुके हैं कि फिर से परीक्षा की तैयारी में जुटना आसान नहीं रह गया है. परिवार भी आगे पढ़ाने में सामर्थ नहीं है. घर में छोटे भाई-बहन भी हैं. माता-पिता को उन्हें भी देखना है. एक तरह से हमारा जीवन बर्बाद ही हो गया है.
नौकरी के बाद कइयों ने ले लिया कर्ज
यह कहानी सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि कई युवक-युवतियों की है. जिन्होंने नौकरी मिलने के बाद अपने भविष्य की योजनाएं बनाईं. किसी ने शादी तय की, किसी ने कर्ज लेकर घर बनाया, तो किसी ने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभालने की तैयारी की. लेकिन सरकार के एक फैसले ने सभी को अधर में लटका दिया है.
अब आगे क्या करेंगे?
बता दें कि सरकारी नौकरी सिर्फ एक नियुक्ति पत्र नहीं होती. मध्यमवर्गीय परिवारों में यह सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का भरोसा भी बन जाती है. यही वजह है कि परीक्षा रद्द होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों की चिंता केवल नौकरी तक सीमित नहीं रह गई है. अब सवाल उनके भविष्य, परिवार और उन रिश्तों का भी है. जो नौकरी की स्थिरता को आधार मानकर तय किए गए थे. इन युवाओं को जिस नौकरी ने कल तक जिंदगी संवारने का सपना दिखाया था. अब वही नौकरी उनके सपनों को अधर में छोड़ दी है. अब इनके सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगे क्या करेंगे?
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प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.
इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…
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