रांची. जेएसएससी और जेपीएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. मंगलवार देर रात अचानक रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री और और एसएसपी राकेश रंजन भारी पुलिस बल के साथ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन देर रात आकर उनसे जबरन पहचान पत्र मांग रहा था और शांतिपूर्ण आंदोलन को डरा-धमकाकर तोड़ने की कोशिश की जा रही थी. अधिकारियों के इस कदम से धरना स्थल पर तनाव की स्थिति बन गई. लेकिन, इसके बाद आधी रात को भाजपा नेताओं को जैसे ही पुलिस कार्रवाई की भनक लगी, अमर कुमार बाउरी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता तुरंत स्टेडियम पहुंच गए. भाजपा नेताओं ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और छात्रों के समर्थन में डट गए. नेताओं ने साफ कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को डराना-धमकाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विपक्षी नेताओं के इस कड़े रुख और छात्रों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन को पीछे हटना पड़ा.
छात्रों ने लगाया आंदोलन कमजोर करने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस देर रात धरनास्थल पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से पहचान पत्र मांगे गए. छात्रों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, प्रशासन की ओर से इसे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है. ऐसे में आधी रात की यह कार्रवाई अब आंदोलन के बीच नया मुद्दा बन गई है.
JSSC-CGL रद्द करने और CBI जांच की मांग
बता दें कि छात्रों की मुख्य मांग JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना और कथित गड़बड़ियों की CBI से जांच कराना है. इसके साथ JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शिता और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की जा रही है. इससे पहले सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी शुरू हुई थी, लेकिन आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
देवेंद्र नाथ महतो बने आंदोलन का प्रमुख चेहरा
वहीं, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा यानी JLKM से जुड़े देवेंद्र नाथ महतो इस आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे हैं. उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अनशन शुरू किया था. बाद में सोनम वांगचुक से बातचीत के बाद उन्होंने पानी पीकर अपना जल उपवास समाप्त किया, लेकिन छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही गई.
देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल जारी
बता दें कि इस पूरे छात्र आंदोलन की अगुवाई कर रहे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के फायरब्रांड नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल का बुधवार को 11वां दिन पूरा हो गया. बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल के बेड से ही अपना अनशन और प्रदर्शन जारी रखा है. वहीं, धरना स्थल पर बैठे एक अन्य छात्र प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि वे पिछले 18 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर हैं और सरकार उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय आंदोलन दबाने में जुटी है.
क्या हैं छात्रों की मुख्य मांगें?
दरअसल, आंदोलनकारी छात्र जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार की मांग कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि हाल ही में आयोजित हुई JSSC-CGL परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है, इसलिए इस परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए. छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन थमेगा नहीं.
बहरहाल, रांची में छात्र आंदोलन अब सिर्फ परीक्षा रद्द करने की मांग तक सीमित नहीं रह गया है. प्रशासन की कार्रवाई, छात्रों के आरोप और BJP के राजनीतिक समर्थन ने इसे और बड़ा मुद्दा बना दिया है. आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से रास्ता निकलता है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर सबकी नजर है.