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देवघर के किसान वकील यादव ने पारंपरिक मत्स्य पालन छोड़कर नया प्रयोग किया है. उन्होंने राहू-कतला की जगह एक कमरे में रंगीन मछली पालन शुरू किया. वे नीले ड्रमों में सजावटी मछलियां पालकर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं. आज वे हर महीने करीब 1000 रंगीन मछलियां बेचकर आत्मनिर्भर बन चुके हैं.
देवघर: खेती के साथ-साथ आज के समय में किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए नए-नए प्रयोग कर रहे हैं. कोई बकरी पालन कर रहा है, कोई गाय पालन, कोई मुर्गी पालन तो कोई मत्स्य पालन के जरिए अपनी कमाई बढ़ा रहा है. आमतौर पर जब मत्स्य पालन की बात होती है तो लोगों के मन में सबसे पहले राहू, कतला और मृगल जैसी मछलियों का नाम आता है.लेकिन झारखंड के देवघर जिले के बदनबेरा गांव के किसान वकील यादव ने कुछ अलग करने का फैसला किया. उन्होंने पारंपरिक मछली पालन की बजाय रंगीन मछलियों का पालन शुरू किया और आज इसी से अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं.
क्या कहते हैं किसान?
वकील यादव बताते हैं कि उनके पास न तो बहुत ज्यादा जमीन थी और न ही बड़े स्तर पर मत्स्य पालन शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी. ऐसे में वह कम लागत में ऐसा काम करना चाहते थे जिससे नियमित आमदनी हो सके. इसी दौरान उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब पर रंगीन मछली पालन से जुड़ी कई वीडियो देखीं.वीडियो देखने के बाद उनके मन में विचार आया कि जब बड़े-बड़े तालाब की जरूरत नहीं है तो क्यों न छोटे स्तर पर ही इसकी शुरुआत की जाए. इसके बाद उन्होंने एक कमरे में नीले रंग के ड्रम लगाकर रंगीन मछलियों का पालन शुरू कर दिया.
शुरुआत में काम आसान नहीं था
शुरुआत में यह काम आसान नहीं था. लोगों को रंगीन मछलियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए मांग भी काफी कम थी.कई बार उन्हें ग्राहकों का इंतजार करना पड़ता था.लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार इस काम को आगे बढ़ाते रहे.धीरे-धीरे लोगों को रंगीन मछलियों के बारे में जानकारी मिलने लगी. घरों, दुकानों, कार्यालयों और एक्वेरियम रखने वाले लोगों की रुचि बढ़ी तो मांग भी बढ़ने लगी.आज स्थिति यह है कि उनके यहां से हर महीने करीब 1000 पीस रंगीन मछलियां बिक जाती हैं.
मछलियों की कीमत 50 रुपए पीस
वकील यादव बताते हैं कि एक रंगीन मछली की कीमत लगभग 50 रुपये रहती है. इस हिसाब से हर महीने उन्हें अच्छी बिक्री हो जाती है. खास बात यह है कि इस व्यवसाय के लिए बड़े तालाब या अधिक जमीन की आवश्यकता नहीं पड़ती. कम जगह में भी इसे आसानी से किया जा सकता है. इसके अलावा रंगीन मछलियों की देखभाल और प्रजनन की सही जानकारी होने पर उत्पादन भी लगातार बढ़ाया जा सकता है. उनका कहना है कि यदि कोई किसान कम लागत में कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहता है तो रंगीन मछली पालन एक अच्छा विकल्प हो सकता है. आज के समय में एक्वेरियम और सजावटी मछलियों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में इस क्षेत्र में संभावनाएं भी काफी हैं. वकील यादव पिछले चार वर्षों से इस काम से जुड़े हुए हैं और लगातार अच्छा अनुभव प्राप्त कर रहे हैं.
रंगीन मछली पालन से बढ़ेगी आमदनी
उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि किसान नई सोच और नई तकनीक को अपनाएं तो कम संसाधनों में भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. यूट्यूब से मिला एक छोटा सा आइडिया आज उनके लिए आमदनी का मजबूत जरिया बन चुका है. यही वजह है कि अब आसपास के कई किसान भी उनके काम को देखकर प्रेरित हो रहे हैं. रंगीन मछली पालन के बारे में जानकारी लेने पहुंच रहे हैं. वकील यादव की यह पहल उन किसानों के लिए एक प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद कुछ नया करके अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहते हैं.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.