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कांग्रेस अगले महीने होने जा रहे राज्यसभा चुनावों के बाद कर्नाटक में संभावित सत्ता परिवर्तन पर अपना फैसला ले सकती है. सूत्रों के अनुसार शिवकुमार खेमा सिद्धारमैया पर शीर्ष पद छोड़ने का दबाव बना रहा है. उन्हें केंद्र में भूमिका देने का प्रस्ताव दिया गया है, जिसे उन्होंने अभी तक स्वीकार नहीं किया है. उन्हें राज्यसभा की सीट का भी प्रस्ताव दिया गया है.
बीजेपी ने सिद्धारमैया सरकार पर निशाना साधा. (फाइल फोटो)
शिवमोग्गा. कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री बदलने को लेकर कांग्रेस आलाकमान की कथित पहल सिद्धारमैया सरकार की प्रशासनिक विफलता को स्वीकार करने जैसा है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में समय से पहले विधानसभा चुनाव अब तय हो चुके हैं. विजयेंद्र ने कहा, “राज्य में समय से पहले चुनाव को अब कोई नहीं रोक सकता.” मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मंगलवार (26 मई) को दिल्ली में करीब पांच से साढ़े पांच घंटे तक चली मैराथन बैठकों के बाद मुख्यमंत्री से इस्तीफा लेने का अंतिम फैसला किया गया. उन्होंने कहा कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कर्नाटक में कांग्रेस अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है.
एक सवाल के जवाब में विजयेंद्र ने कहा कि सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद चाहे जो भी मुख्यमंत्री बने, वह केवल अस्थायी होगा. उन्होंने दोहराया कि कर्नाटक में समय से पहले चुनाव को कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा कि जैसे ही सिद्दारमैया इस्तीफा देंगे, उसके बाद पैदा होने वाली राजनीतिक असमंजस की स्थिति जनता के सामने आ जाएगी, चाहे अगला मुख्यमंत्री कोई भी बने. एक अन्य सवाल पर विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान के फैसले के बाद सिद्धारमैया निश्चित रूप से इस्तीफा देंगे. हालांकि, अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह केवल भगवान ही जानता है.
उन्होंने कहा कि यह सब कर्नाटक में कांग्रेस के पतन का संकेत है. विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि उनकी सिद्धारमैया से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और वह उन्हें दक्षिण भारत के सबसे अनुभवी मुख्यमंत्रियों में से एक मानते हैं. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया ने राज्य को लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले दबा दिया है.
उन्होंने कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि कर्नाटक कर्ज के जाल में फंस चुका है. उनके अनुसार असली मुद्दा यह नहीं है कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, बल्कि यह है कि राज्य किस दिशा में जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष ने शासन व्यवस्था को पूरी तरह कमजोर कर दिया है. विजयेंद्र ने वाल्मीकि निगम घोटाले और ‘मुदा’ घोटाले का जिक्र करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. उन्होंने कुछ अधिकारियों की कथित आत्महत्या की घटनाओं का भी उल्लेख किया.
उन्होंने कहा कि उपचुनावों में जीत को सुशासन का पैमाना नहीं माना जा सकता. अगर उपचुनाव की जीत ही सुशासन का पैमाना होती, तो सिद्धारमैया को इस्तीफे की नौबत नहीं आती. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार में डूब चुकी है, राज्य में विकास कार्य ठप हो गए हैं और इसी वजह से नेतृत्व परिवर्तन की नौबत आई है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें