![]()
भास्कर न्यूज|गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में विभिन्न तकनीकी विभागों द्वारा संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही विभिन्न जनोपयोगी योजनाओं की प्रगति की विभागवार समीक्षा की गई और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी तकनीकी विभागों को निर्देश दिया कि जितने भी लंबित निर्माण कार्य हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा (डेडलाइन) के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। बैठक में स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण में आ रही भूमि संबंधी अड़चनों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जहां भी भूमि विवाद का मामला है, वहां संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान निकाला जाए। इसके साथ ही, उन्होंने विभिन्न विभागों के लंबित भुगतानों का भी शीघ्र निष्पादन करने का आदेश दिया ताकि काम की रफ्तार प्रभावित न हो। विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र व अन्य सरकारी भवनों के निर्माण का जिक्र करते हुए उपायुक्त ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसमें किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। संबंधित कार्यपालक एवं सहायक अभियंताओं को नियमित रूप से कार्यस्थलों का औचक निरीक्षण करने और मानकों के अनुरूप काम कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिजली आपूर्ति से जुड़े लंबित कार्यों पर नाराजगी जताई विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में बिजली आपूर्ति से जुड़े लंबित कार्यों पर नाराजगी जताई। उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली बहाली का काम पूरा किया जाए, ताकि बच्चों और आम लाभुकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन सहित विशेष प्रमंडल, लघु सिंचाई, वाटरवेज, ग्रामीण कार्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्रमंडल, जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (जल जीवन मिशन), भवन निर्माण विभाग, एनआरईपी तथा विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
Source link