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PM Modi Abusing Girl Controversy: मुस्लिम धर्मगुरु इमाम उमर अहमद इल्यासी ने पीएम नरेंद्र मोदी के माफी वाले संदेश का समर्थन किया. जंतर-मंतर पर पीएम और उनकी दिवंगत माताजी के खिलाफ हुई अभद्र टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है लेकिन प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा देश की गरिमा को ठेस पहुंचाती है. उन्होंने युवाओं से राजनीतिक बहकावे से बचकर संयम, शांति और रचनात्मक संवाद का रास्ता चुनने की अपील की.
पीएम मोदी पहले ही इन बच्चों को माफ कर चुके हैं.
मुस्लिम धर्मगुरु और ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के चीफ इमाम डॉ. उमर अहमद इल्यासी पीएम मोदी के समर्थन में आगे आए हैं. जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक धांधली के विरोध में प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां पर अभद्र टिप्पणी की गई थी. इल्यासी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का पुरजोर समर्थन किया है, जिसमें वो प्रदर्शनकारी छात्रों को माफ करने और समाज को उन्हें सजा देने के बजाय सही रास्ता दिखाने की अपील की थी. इमाम इल्यासी ने कहा कि लोकतंत्र में असंतोष व्यक्त करना और नीतियों का विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है. लेकिन देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक या अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना पूरे देश की गरिमा को ठेस पहुंचाता है. उन्होंने युवाओं से किसी भी राजनीतिक बहकावे या उकसावे में न आने और शांतिपूर्ण व रचनात्मक संवाद का रास्ता चुनने का आह्वान किया.
प्रधानमंत्री का पद पूरे देश का प्रतिनिधित्व करता है
न्यूज18 से खास बातचीत करते हुए इमाम उमर अहमद इल्यासी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बहस, आलोचना और असहमति का स्वागत होना चाहिए, लेकिन किसी भी स्थिति में भाषा की मर्यादा नहीं टूटनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं लेकिन प्रधानमंत्री का पद व्यक्तिगत न होकर पूरे राष्ट्र का प्रतीक होता है. इसलिए उस पद की गरिमा और सम्मान को बनाए रखना हर नागरिक का दायित्व है. उन्होंने कहा कि गाली-गलौज या हिंसा से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं निकल सकता बल्कि इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को ही नुकसान पहुंचता है.
‘भटके बच्चों को राह दिखाना जरूरी’
जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा और अन्य युवाओं द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय माताजी हीराबेन के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने वाला वीडियो वायरल हुआ था. इस मामले में दिल्ली और नोएडा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी. बाद में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यह दृश्य एक सांस्कृतिक आघात जैसा था, लेकिन वे उन युवाओं को माफ करना चाहते हैं. पीएम ने जीभ और दांत का उदाहरण देते हुए कहा था कि जैसे गलती से जीभ कट जाने पर दांत नहीं तोड़े जाते, उसी तरह ये हमारे ही बच्चे हैं और समाज को इन्हें सजा देने के बजाय सुधारने का काम करना चाहिए. इमाम इल्यासी ने पीएम के इस रुख की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक सकारात्मक सीख बताया.
सवाल-जवाब
इमाम उमर अहमद इल्यासी ने जंतर-मंतर विवाद पर क्या कहा?
इमाम इल्यासी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल देश का अपमान है. उन्होंने युवाओं से शांति और मर्यादा बनाए रखने की अपील की.
पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए क्या संदेश दिया था?
पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया संदेश में कहा था कि वे अभद्र टिप्पणी करने वाले भटके हुए युवाओं को माफ करना चाहते हैं और समाज को उन्हें सजा देने के बजाय मार्गदर्शन देना चाहिए.
जंतर-मंतर पर किस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हो रहा था?
जंतर-मंतर पर छात्र और युवा नीट परीक्षा धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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