पलामू. आज के समय में घरों की सुंदरता बढ़ाने से लेकर अतिरिक्त आमदनी तक के लिए लोग बागवानी और नर्सरी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. हर कोई चाहता है कि उनके घर या खेत में फलदार और अच्छी गुणवत्ता वाले पौधे लगे हों, लेकिन सही जानकारी के अभाव में कई बार लोग गलत पौधे खरीद लेते हैं और बाद में पछताना पड़ता है. ऐसे में झारखंड के पलामू जिले में स्थित सरकारी नर्सरी लोगों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है, जहां कम कीमत में अच्छी गुणवत्ता वाले फलदार पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
5 एकड़ में फैली है सरकारी नर्सरी
पलामू जिले के चियांकी स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में राज्य की प्रमुख फलदार नर्सरी संचालित की जा रही है. करीब 5 एकड़ क्षेत्र में फैली इस नर्सरी में 70 हजार से अधिक पौधे तैयार किए गए हैं. यहां किसानों, बागवानी प्रेमियों और आम लोगों को वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि उन्हें भविष्य में बेहतर उत्पादन मिल सके.
कई तरह के फलदार पौधे उपलब्ध
कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने लोकल 18 को बताया कि इस नर्सरी में आम, अमरूद, संतरा, नींबू, मौसमी, कीनू, बेल, बेर और आंवला समेत कई प्रकार के फलदार पौधे तैयार किए जाते हैं. यहां पौधों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है. अनुसंधान केंद्र द्वारा तैयार पौधों की खासियत यह है कि जिस प्रभेद का पौधा लोगों को दिया जाता है, उसी गुणवत्ता का फल भी बाद में प्राप्त होता है.
आम के 12 से 13 प्रभेद हैं खास आकर्षण
नर्सरी में आम के करीब 12 से 13 प्रभेद उपलब्ध हैं, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. छोटे आकार वाले पौधों में मल्लिका, आम्रपाली और सुंदर लंगड़ा शामिल हैं, जिन्हें कम जगह में भी लगाया जा सकता है. वहीं बड़े वृक्षों वाले प्रभेदों में जर्दालू, मालदह, लंगड़ा, हिमसागर और अलफांसो जैसे आम शामिल हैं. विशेषज्ञों के अनुसार छोटे प्रभेद वाले पौधों को करीब 5 मीटर की दूरी पर लगाया जा सकता है.
अमरूद और संतरे की भी कई किस्में
आम के अलावा अमरूद और संतरे की भी कई उन्नत किस्में यहां उपलब्ध हैं. अमरूद में ताइवान पिंक अमरूद लोगों को काफी पसंद आ रहा है, जिसकी गुणवत्ता और स्वाद दोनों बेहतर माने जाते हैं. वहीं संतरा और मौसमी के भी 3 से 4 प्रकार के पौधे तैयार किए गए हैं, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं.
सस्ती दरों पर मिल रहे पौधे
सरकारी नर्सरी में पौधों की कीमत भी काफी कम रखी गई है. यहां ग्राफ्टेड आम के पौधे मात्र 90 रुपए में मिल रहे हैं, जबकि अमरूद, नींबू, संतरा, मौसमी और कीनू के पौधे करीब 80 रुपए में उपलब्ध हैं. कम कीमत और बेहतर गुणवत्ता की वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां से पौधे खरीदने पहुंच रहे हैं.
फलदार पौधों की खेती किसानों और युवाओं के लिए अतिरिक्त आय का अच्छा माध्यम बन सकती है. ऐसे में चियांकी की यह सरकारी नर्सरी न सिर्फ लोगों को बेहतर पौधे उपलब्ध करा रही है, बल्कि बागवानी को बढ़ावा देने का भी काम कर रही है.