Last Updated:
सऊदी अरब के मक्का और मदीना में कर्नाटक के 600 से 800 उमराह यात्री फ्लाइट्स रद्द होने के कारण फंस गए हैं. पैसे खत्म होने से उनके सामने खाने-पीने और ठहरने का गंभीर संकट पैदा हो गया है और होटल खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है. हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से दखल की मांग की है, जबकि कर्नाटक हज कमेटी ने एयरलाइंस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी है.
सऊदी अरब के मक्का और मदीना में कर्नाटक के 600 से 800 के बीच उमराह यात्री फंसे हुए हैं. (Image: AI)
कर्नाटक के सैकड़ों उमराह पैसेंजर्स की सऊदी अरब में फंसे हुए हैं. फ्लाइट्स की आवाजाही बाधित होने के चलते ये सभी उमराह पैसेंजर्स मक्का और मदीना में फंसे हुए हैं. इन पैसेंजर्स की संख्या करीब 600 से 800 के बीच बताई जा रही है. फिलहाल हालात कुछ ऐसे है कि इन पैसेंजर्स के सामने खाने और रहने तक का संकट खड़ा हो गया है. इन हालात को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने केंद्र से तत्काल मदद मांगी है.
वहीं राज्य हज कमेटी ने एयरलाइंस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी है. कर्नाटक के अल्पसंख्यक कल्याण, हज और वक्फ मंत्री यूटी खादर ने कहा है कि अगर अगले दो दिनों में पैसेंजर्स को वापस लाने के लिए फ्लाइट्स शुरू नहीं हुईं, तो कर्नाटक स्टेट हज कमेटी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. कमेटी की मांग होगी कि पैसेंजर्स की वापसी सुनिश्चित करने के साथ उन्हें हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई भी कराई जाए.
इंडिगो, अकासा और एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट्स का इंतजार
- मंत्री यूटी खादर के अनुसार, कर्नाटक के करीब 600 से 800 उमराह पैसेंजर इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस से सऊदी अरब गए थे. पैसेंजर्स ने इन्हीं एयरलाइंस से वापसी के टिकट भी बुक कराए थे.
- यूटी खादर ने बताया कि वहां से दूसरे देशों की एयरलाइंस की फ्लाइट्स ऑपरेट हो रही हैं, लेकिन भारतीय एयरलाइंस ने अभी तक इन सेक्टर्स से अपनी फ्लाइट सर्विस बहाल नहीं की हैं.
- उनके अनुसार, एयरलाइंस ने पहले 24 अक्टूबर से फ्लाइट्स शुरू करने की बात कही थी, लेकिन बाद में तारीख बढ़ाकर 27 अक्टूबर कर दी गई. इस देरी ने पैसेंजर्स की परेशानी बढ़ा दी है. एयरलाइंस अभी तक स्पष्ट नहीं कर पा रही है कि उनकी फ्लाइट्स कब और किस तरह बहाल होंगी.
होटल खाली करने का लगातार पड़ रहा है दबाव
- कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी इस मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने शुक्रवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर मक्का और मदीना में फंसे पैसेंजर्स की स्थिति से अवगत कराया है.
- मुख्यमंत्री ने पत्र में बताया कि कर्नाटक स्टेट हज कमेटी के चेयरमैन और उनकी टीम ने पैसेंजर्स की मुश्किलों की जानकारी दी है. कई पैसेंजर्स के पास मौजूद पैसे खत्म हो चुके हैं. ऐसे में उनके लिए भोजन और रहने का इंतजाम करना भी मुश्किल होता जा रहा है.
- मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के अनुसार, कुछ होटलों की ओर से पैसेंजर्स को कमरे खाली करने के लिए कहा जा रहा है. इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की मुश्किलें खासतौर पर बढ़ गई हैं.
- भारतीय और कर्नाटक के स्वयंसेवी संगठनों की ओर से अस्थायी मदद दी जा रही है, लेकिन पैसेंजर्स की जरूरतों के मुकाबले यह मदद नाकाफी साबित हो रही है.
केंद्र से मदद की मांग, एयरलाइंस से मुआवजे की तैयारी
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केंद्र सरकार से पैसेंजर्स की सुरक्षित और जल्द वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है. वहीं, मंत्री यूटी खादर के अनुसार, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है. खादर ने कहा कि इस पत्र पर उन्हें अब तक कोई जवाब नहीं मिला है. राज्य सरकार और हज कमेटी अब पैसेंजर्स की वापसी के साथ उनके आर्थिक नुकसान के मुद्दे को भी उठाना शुरू कर दिया है. हज कमेटी अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है, जिससे पैसेंजर्स को फ्लाइट्स ऑपरेशन बंद होने के वजह से हुए नुकसान का मुआवजा मिल सके.