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सब्जियों की खेती से बदल गई इस किसान की किस्मत, अब सालाना...


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सब्जियों की खेती से बदल गई इस किसान की किस्मत, अब सालाना कमा रहें लाखों रुपये

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Agriculture News: सीधी जिले के ग्राम बराज निवासी किसान पूरनलाल कुशवाहा 5 एकड़ जमीन पर बड़े पैमाने में सब्जियों की खेती कर रहे हैं. इसमें लौकी, करेला, भिंडी, परवल, गोभी समेत कई मौसमी हरी सब्जियां शामिल है. किसान पूरनलाल कुशवाहा सालाना 6 लाख रुपये में कमा रहे हैं

सीधी जिले के ग्राम बराज निवासी किसान पूरनलाल कुशवाहा ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, सही सोच और आधुनिक तकनीक के दम पर खेती भी सफलता की नई कहानी लिख सकती है. कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाले पूरनलाल आज हरी सब्जियों की खेती से सालाना 5 से 6 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं. उनकी सफलता अब पूरे इलाके के किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है. पूरनलाल कुशवाहा ने लोकाल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि करीब 14 साल पहले उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी. परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया था और रोजगार के लिए उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता था. ऐसे समय में उन्होंने खेती में कुछ नया करने का फैसला लिया.

उन्होंने महज 50 डिसमिल जमीन पर आधुनिक तकनीक से हरी सब्जियों की खेती शुरू की. शुरुआत में कई चुनौतियां आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे. धीरे-धीरे उन्हें खेती का अनुभव मिलता गया और उनकी फसल की गुणवत्ता बेहतर होती गई. बाजार में उनकी सब्जियों की मांग बढ़ने लगी. इसके बाद उन्होंने 5 एकड़ जमीन लीज पर लेकर खेती का दायरा बढ़ाया. लगातार मेहनत और समझदारी भरे फैसलों के दम पर उन्होंने अपनी कमाई से 5 एकड़ जमीन खरीद ली. अब वे उसी जमीन पर बड़े पैमाने पर लौकी, करेला, भिंडी, परवल, गोभी समेत कई मौसमी हरी सब्जियों की खेती कर रहे हैं

हरी सब्जियों की खेती से सालाना लाखों कमा रहे
पूरनलाल आधुनिक खेती के साथ जैविक खाद और संतुलित सिंचाई पद्धति का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे उत्पादन बढ़ने के साथ उनकी सब्जियों की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहती है. यही वजह है कि बाजार में उनकी सब्जियों की अलग पहचान बन चुकी है. उन्हें अच्छी कीमत मिलती है. इस पूरे सफर में उनकी पत्नी मधु देवी और बच्चों ने हर कदम पर उनका साथ दिया. खेतों में मेहनत से लेकर घर की जिम्मेदारियों तक, परिवार ने हमेशा उनका सहयोग किया. इसी वजह से वे खेती पर पूरा ध्यान दे सके. आज उनके दोनों बेटे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. परिवार खुशहाल जीवन जी रहा है.पूरनलाल कुशवाहा की कहानी यह बताती है कि यदि किसान नई तकनीक अपनाकर मेहनत और धैर्य के साथ खेती करें तो कृषि भी सम्मानजनक आय का मजबूत जरिया बन सकती है. आज दूर-दूर से किसान उनके खेत देखने पहुंचते हैं. उनसे आधुनिक खेती की जानकारी लेकर प्रेरणा हासिल कर रहे हैं.



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