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समाहरणालय परिसर में हुआ पौधरोपण



भास्कर न्यूज |सिसई आदिवासी समाज द्वारा चंदा व श्रमदान कर विगत 12-13 वर्ष से लंबित सरना घेराबंदी का कार्य पुरा किया। कुदरा गांव में लंबित सरना स्थल की घेराबंदी का कार्य स्थानीय आदिवासी समाज के लोगों द्वारा चंदा इकट्ठा कर एवं श्रमदान कर सफलतापूर्वक पुरा किया गया। पहान पुजार व ग्रामीणों की उपस्थिति में पारंपरिक रिति रिवाज और विधि विधान के साथ पुजा अर्चना व फीता काटकर उद्घाटन किया गया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि विगत 12-13 साल पहले सरकारी स्तर पर गांव का सरना घेराबंदी का कार्य शुरू हुआ था, किन्तु समिति के अध्यक्ष व सचिव के असामयिक निधन हो जाने और ग्रामीणों के काफी प्रयास के बावजूद सरना घेराबंदी योजना कार्य आधा-अधूरा पड़ा हुआ था, जिससे गांव समाज के लोगों में निराशा थी। आदिवासी आस्था, संस्कृति और परंपरा का केन्द्र सरना स्थल की घेराबंदी के अधूरे पड़े काम को पुरा करने का बीड़ा गांव के प्रबुद्ध जनों और युवा वर्ग ने उठाया और गांव में बैठक कर गांव वासियों सके सामूुहिक प्रयास से चन्दा इकट्ठा कर सरना की चारदिवारी निर्माण पुरा किया। लोहरदगा| विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त संदीप कुमार मीना, पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी, वन प्रमंडल पदाधिकारी अभिषेक कुमार, उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम, परियोजना निदेशक आईटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। वहीं अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।



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