Last Updated:
Palamu Green Bangles Market: सावन में पलामू के बाजार हरी चूड़ियों से गुलजार हैं. ऐसे तो यहां अलग-अलग डिजाइन की चूड़ियां मिल रही हैं पर कश्मीरी चूड़ियां महिलाओं को सबसे ज्यादा पसंद आ रही हैं. पहली पसंद बनी हैं, जिनकी कीमत 50 से 200 रुपये के बीच है.
पलामू. सावन का पावन महीना शुरू होते ही पलामू के बाजार पूरी तरह हरियाली के रंग में रंग गए हैं. इस महीने सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाने वाली हरी चूड़ियों की खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ बाजारों में उमड़ रही है. खासकर विवाहित महिलाएं सावन के दौरान हरी चूड़ियां पहनना शुभ मानती हैं. यही वजह है कि मेदिनीनगर के प्रमुख बाजारों में इन दिनों चूड़ी की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है. इस बार पारंपरिक कांच और लाह की चूड़ियों के साथ-साथ कश्मीरी चूड़ियां महिलाओं की पहली पसंद बनकर उभरी हैं.
कश्मीरी चूड़ियों ने जीता महिलाओं का दिल
बता दें कि पलामू में इस सावन सबसे अधिक मांग कश्मीरी चूड़ियों की देखने को मिल रही है. इनके आकर्षक डिजाइन, हल्के वजन और खूबसूरत फिनिशिंग के कारण महिलाएं इन्हें खूब पसंद कर रही हैं. इसके अलावा कांच, लाह, शिप, मेटल, स्टोन, मोती वाली चूड़ियां, राजवाड़ी डिजाइन और चार पीस व छह पीस बाला की भी अच्छी बिक्री हो रही है. दुकानदारों के अनुसार, इस बार फैशन और परंपरा का सुंदर मेल ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है.
25 साल पुरानी दुकान पर उमड़ रही भीड़
मेदिनीनगर शहर के बाजार स्थित रूप रंग चूड़ी दुकान पिछले 25 वर्षों से महिलाओं की पसंदीदा दुकानों में शामिल है. दुकान संचालक राजीव कुमार ने बताया कि सावन में हर साल बिक्री बढ़ती है, लेकिन इस बार सबसे अधिक मांग कश्मीरी चूड़ियों की है. उन्होंने आगे बताया कि ग्राहकों के लिए कांच, शिप, लाह, कश्मीरी, मेटल, राजवाड़ी, स्टोन और मेटल की कई नई डिजाइन उपलब्ध हैं. महिलाएं अपने परिधान और श्रृंगार के अनुसार अलग-अलग डिजाइन की चूड़ियां खरीद रही हैं.
20 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक की रेंज
चूड़ी व्यवसायी गुड्डू कुमार ने बताया कि बाजार में हर वर्ग के ग्राहकों के लिए चूड़ियां उपलब्ध हैं. कांच, शिप और लाह की चूड़ियां 30 रुपये से शुरू हो जाती हैं. वहीं, कश्मीरी चूड़ियों की कीमत 50 से 200 रुपये तक है. मेटल, स्टोन और डिजाइनर चूड़ियां 100 से 200 रुपये में मिल रही हैं, जबकि प्रीमियम राजवाड़ी चूड़ियों की कीमत 500 से 2000 रुपये तक है. आकर्षक डिजाइन और बेहतर गुणवत्ता के कारण इनकी बिक्री तेजी से बढ़ रही है.
सावन के साथ बढ़ी बाजारों की रौनक
आगे कहा कि सावन के पहले सप्ताह से ही बिक्री में तेजी आ गई है और आने वाले दिनों में रक्षाबंधन व तीज जैसे त्योहारों के कारण मांग और बढ़ने की उम्मीद है. हरियाली और सुहाग के इस पावन पर्व पर महिलाएं अपनी पसंद की हरी चूड़ियों से श्रृंगार कर रही हैं, जिससे पलामू के बाजारों में सावन की रौनक देखते ही बन रही है.
About the Author
Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…
और पढ़ें