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सिर्फ पूजा में नहीं, सेहत से लेकर बागवानी तक काम आते हैं...


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सिर्फ पूजा में नहीं, सेहत से लेकर बागवानी तक काम आते हैं आम के पत्ते

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Mango Leaves Benefits: आम के पत्ते पूजा-पाठ के साथ स्वास्थ्य, सौंदर्य और बागवानी में भी उपयोगी हैं. इनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद हैं. इसके साथ ही इनसे कंपोस्ट भी बनाई जा सकती है. हालांकि एक्सपर्ट की देखरेख में ही इनका इस्तेमाल करना चाहिए.

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पलामू. हिंदू धर्म की संस्कृति और परंपरा में आम के पत्तों का विशेष महत्व है. पूजा-पाठ, गृह प्रवेश, त्योहार और शुभ कार्यों में मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाना शुभ माना जाता है. लेकिन आम के पत्ते केवल धार्मिक कार्यों तक सीमित नहीं हैं. पारंपरिक तौर पर इनका इस्तेमाल स्वास्थ्य, सौंदर्य और बागवानी में भी किया जाता रहा है. आम के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट और दूसरे जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं, जिसके कारण इनके कई संभावित फायदे बताए जाते हैं.

त्वचा की देखभाल में पारंपरिक इस्तेमाल
आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने लोकल18 को बताया कि आम के पत्तों का उपयोग त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए पारंपरिक तौर पर किया जाता है. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं. घर पर प्राकृतिक फेस पैक के तौर पर भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.

इसके लिए पांच ताजे आम के पत्ते, एक ताजा गुलाब का फूल और नींबू का रस लेकर मिक्सी में पीसकर पेस्ट तैयार किया जा सकता है. तैयार पेस्ट को चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जाता है और कुछ देर बाद साफ पानी से धो लिया जाता है. हालांकि, नींबू त्वचा में जलन पैदा कर सकता है, इसलिए इसे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर है और आंखों के आसपास इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

मुंहासों को लेकर दावे
उन्होंने कहा कि आम के पत्तों और गुलाब से बने इस तरह के घरेलू पेस्ट का इस्तेमाल कुछ लोग मुंहासे और दाग-धब्बों के लिए करते हैं. हालांकि, इससे मुंहासे पूरी तरह खत्म होने या त्वचा हमेशा जवान रहने का वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है. लगातार मुंहासे या त्वचा संबंधी समस्या होने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना अधिक सुरक्षित है.

पाचन और वजन नियंत्रण
उन्होंने कहा कि आम के पत्तों से तैयार काढ़े का इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा में पाचन संबंधी परेशानियों के लिए किया जाता रहा है. वहीं, इनमें मौजूद मैंगीफेरिन जैसे यौगिकों पर वजन और मेटाबॉलिज्म को लेकर शुरुआती शोध हुए हैं. लेकिन इन्हें वजन घटाने का प्रमाणित उपाय नहीं माना जा सकता.

बालों और बागवानी में उपयोगी
उन्होंने कहा कि आम के पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बालों और त्वचा को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं. वहीं, सूखे आम के पत्तों को फेंकने के बजाय कंपोस्ट में डालने से जैविक खाद तैयार की जा सकती है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलती है. इस तरह आम के पत्ते पूजा-पाठ के साथ-साथ घरेलू उपयोग और पारंपरिक देखभाल में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं.

About the Author

Raina Shukla

Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…

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