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सुल्तानपुर में गोमती नदी पर 1857 की क्रांति के बाद बना ऐतिहासिक...


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सुल्तानपुर का यह पुल 1857 की क्रांति के बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा गोमती नदी पर बनाया गया था. क्रांति के दौरान, अंग्रेजों ने स्थानीय लोगों को नदी पार करने से रोकने के लिए पहले से बने लकड़ी के पुल को नष्ट कर दिया था. वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह के अनुसार, अंग्रेजों ने इस पुल पर तोप के गोले दागे थे, जिसके कारण इस स्थान को ‘गोलाघाट’ नाम मिला. क्रांति को नियंत्रित करने के बाद, अंग्रेजों ने लोहे का पुल बनवाया.

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सुल्तानपुरः उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में गोमती नदी पर बना एक ऐतिहासिक पुल वर्तमान में उपेक्षा का शिकार है. यह पुल 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है और इसकी देखरेख न होने के कारण इसका अस्तित्व खतरे में है. आपको बता दें यह ऐतिहासिक पुल सुल्तानपुर के व्यापार का आधार हुआ करती थी. ब्रिटिश सरकार अवध प्रांत को जोड़ने के लिए इसे बनाकर तैयार किया था. लेकिन आज यह अपने आस्तित्व की लड़ाई लड़ता नजर आ रहा है.

1857 की क्रांति के बाद बनकर हुआ तैयार

सुल्तानपुर का यह पुल 1857 की क्रांति के बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा गोमती नदी पर बनाया गया था. क्रांति के दौरान, अंग्रेजों ने स्थानीय लोगों को नदी पार करने से रोकने के लिए पहले से बने लकड़ी के पुल को नष्ट कर दिया था. वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह के अनुसार, अंग्रेजों ने इस पुल पर तोप के गोले दागे थे, जिसके कारण इस स्थान को ‘गोलाघाट’ नाम मिला. क्रांति को नियंत्रित करने के बाद, अंग्रेजों ने लोहे का पुल बनवाया.

वर्तमान में, सुरक्षा कारणों से इस पुल पर आवाजाही बंद कर दी गई है क्योंकि यह अब उतना मजबूत नहीं है जितना पहले था. हालांकि, देखरेख के अभाव में यह ऐतिहासिक धरोहर लगातार जीर्ण-शीर्ण होती जा रही है. पुल पर आवाजाही रोकने के लिए लगाई गई दीवार भी टूट गई है, और अब यह स्थान असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है. पुल के बगल में एक शराब का ठेका भी खुल गया है.

संरक्षण की मांग करते हैं स्थानीय

स्थानीय लोग प्रशासन और सरकार से इस ऐतिहासिक पुल की मरम्मत और उचित देखरेख की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो सुल्तानपुर की एक महत्वपूर्ण धरोहर नष्ट हो सकती है. सैकड़ों वर्ष पुराने इस पुल का संरक्षण करना जरूरी है. नहीं तो धीरे धीरे यह उपेक्षा का शिकार और विलुप्त भी हो जाएगा.

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Rajneesh Kumar Yadav

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…

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