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हाईकोर्ट ने नगर निगम के फैसले पर लगाई रोक:अपर बाजार के छह...




झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को अपर बाजार में व्यापारियों का ट्रेड लाइसेंस रद्द करने के निगम के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता व्यापारियों को बड़ी राहत प्रदान की। अदालत ने रांची नगर निगम द्वारा ट्रेड लाइसेंस रद्द कर व्यापारियों के प्रतिष्ठान सील करने की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता व्यापारी प्रमोद कुमार अग्रवाल व अन्य के खिलाफ कोई दंडात्मक या जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत ने दुकानों को सील करने के आदेश पर निगम से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी। अदालत से इस फैसले से व्यापारियों का दुकान सील होने से बच गया। इससे पहले सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता देवेश अजमानी ने अदालत को बताया कि नगर निगम ने एक अगस्त को नोटिस जारी कर कहा कि उनके प्रतिष्ठान का नक्शा पास नहीं होने और पर्याप्त पार्किंग की जगह नहीं होने से भीड़ ज्यादा होती है, इससे आम लोगों को परेशानी होती है। नोटिस में व्यापारियों का ट्रेड लाइसेंस रद्द करते हुए तीन दिनों के अंदर प्रतिष्ठानों को सील करने की चेतावनी भी दी गई है। ट्रेड लाइसेंस रद्द होने से वे कानूनी रूप से कारोबार नहीं कर सकते। ऐसे में उनकी आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो गया है। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिकाकर्ताओं के खिलाफ अगले आदेश तक किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है। 600 दुकानों के ट्रेड लाइसेंस रद्द, जुर्माना भी वसूल रहा निगम नगर निगम ने शहर में 600 से अधिक व्यापारियों का ट्रेड लाइसेंस रद्द कर दिया है। हरमू हाउसिंग कॉलोनी, अरगोड़ा और बरियातू हाउसिंग कॉलोनी में आवासीय प्लॉट पर व्यवसायिक गतिविधियां चलाने वाले व्यापारियों का ट्रेड लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। जिनका ट्रेड लाइसेंस रद्द किया गया, वे अब अवैध रूप से व्यापार कर रहे हैं। ऐसे में निगम कई दुकानदारों से जुर्माना वसूल रहा है। हालांकि, अब व्यापारी निगम से फैसले के विरोध में आ गए हैं। हरमू कॉलोनी के व्यापारी सुमित झा ने बताया कि 10 वर्ष पहले निगम ने ही ट्रेड लाइसेंस जारी किया था, अब व्यापार को अवैध बताकर लाइसेंस रद्द कर दिया। ऐसे में सबसे पहले निगम के पदाधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।



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