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हिमाचल के बिलासपुर जिले में 154 स्कूलों का सर्वे, 1 भी स्कूल...


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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के सरकारी स्कूलों में ‘समग्र शिक्षा’ योजना के तहत हुए सामाजिक ऑडिट में पता चला है कि सर्वे में शामिल किसी भी स्कूल की बिल्डिंग सेफ नहीं है. नतीजे मंगलवार को बिलासपुर में हुई जनसुनवाई में पेश किए गए, जिसमें उपनिदेशक (शिक्षा गुणवत्ता) निशा गुप्ता भी मौजूद थीं.

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हिमाचल के बिलासपुर जिले में 154 स्कूलों का सर्वे, 1 भी मानकों पर नहीं उतरा खराZoom

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एक टीम ने जिले के 154 सरकारी स्कूलों का सर्वे किया.

बिलासपुर. हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के सरकारी स्कूलों में ‘समग्र शिक्षा’ योजना के तहत हुए सामाजिक ऑडिट में पता चला है कि सर्वे में शामिल किसी भी स्कूल की बिल्डिंग शिक्षा का अधिकार कानून के मुताबिक जरूरी ढांचे के मानकों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती.

बुधवार को जारी एक बयान के मुताबिक, ऑडिट के पहले चरण में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एक टीम ने जिले के 154 सरकारी स्कूलों का सर्वे किया. यह सर्वे डॉ. रणधीर रांटा की अगुवाई में हुआ और इसमें जिले के कुल 809 सरकारी स्कूलों में से करीब 20 प्रतिशत स्कूल शामिल किए गए. अगले चार चरणों में बाकी सभी स्कूलों का भी ऑडिट किया जाएगा. ये नतीजे मंगलवार को बिलासपुर में हुई जनसुनवाई में पेश किए गए, जिसमें उपनिदेशक (शिक्षा गुणवत्ता) निशा गुप्ता भी मौजूद थीं.

केंद्र सरकार की ‘समग्र शिक्षा’ योजना 2018 में शुरू हुई थी ताकि प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की स्कूल शिक्षा में सुधार हो सके. बयान के मुताबिक, ऑडिट में स्कूलों के ढांचे, बच्चों की सुरक्षा, पहुंच, प्रशासन और पढ़ाई की गुणवत्ता से जुड़ी कई अहम कमियां सामने आई हैं. इन कमियों की वजह से आरटीई कानून को सही तरीके से लागू करने को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसके अलावा, किसी भी स्कूल में प्रोफेशनल काउंसलिंग की सुविधा नहीं है.

ऑडिट टीम के सदस्य बच्चन सिंह ने कहा, “बिलासपुर के आधे से ज्यादा स्कूलों में चारदीवारी या बाड़ नहीं है, खासकर लड़कियों के लिए ==सुरक्षा का खतरा रहता है,.” उपनिदेशक निशा गुप्ता ने कहा, “बिलासपुर जिले ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के मामले में कई उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन रिपोर्ट में कुछ कमियां भी सामने आई हैं, जिन्हें जल्दी ही दूर कर लिया जाएगा.”

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Vinod Kumar Katwal

Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें



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