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केंद्र सरकार से प्राप्त केआईपी डाटा के आधार पर लातेहार में ऐसे 1702 राशन कार्डधारियों की पहचान की गई है, जो सरकारी नौकरी, आयकर दाता, अधिक ग्रॉस टर्नओवर, कंपनी के निदेशक, वाहन स्वामित्व या अन्य अपात्र श्रेणियों में आने के बावजूद राशन योजना का लाभ ले रहे हैं। जिला आपूर्ति विभाग ने सूची में शामिल लोगों को दो दिनों के भीतर राशन कार्ड सरेंडर करने अथवा नाम हटवाने का निर्देश दिया है। सूची सार्वजनिक होते ही जिलेभर में हड़कंप मच गया है। कुछ लोगों का कहना है कि वे आयकर दाता तो हैं, लेकिन वर्तमान में आर्थिक स्थिति कमजोर है और परिवार के अन्य सदस्य मजदूरी कर जीवनयापन कर रहे हैं। ऐसे परिवारों ने पात्र सदस्यों को योजना का लाभ जारी रखने की मांग की है। राशन कार्ड सरेंडर और नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर कई में असमंजस बना हुआ है। विभागीय सूची के अनुसार सबसे अधिक 322 लाभुक बालूमाथ से चिन्हित किए गए हैं। जबकि, चंदवा में 292, लातेहार में 260, बरवाडीह में 150, मनिका में 150, बारियातू में 146, महुआडांड़ में 138, हेरहंज में 83 और गारू में 23 लाभुक चिन्हित किए गए हैं। डीएसओ श्रवण राम ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। सरकारी नौकरी और आयकर दाताओं का नाम हरहाल में राशन कार्ड से हटाया जाएगा, जबकि ग्रॉस टर्नओवर, वाहन स्वामित्व, कंपनी के निदेशक सहित अन्य मामलों में जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।