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Jharkhand Student Protest: झारखंड में 24 दिन के छात्र आंदोलन के बाद CM हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द कर दी है. इसके अलावा TDPL की परीक्षाएं भी निरस्त होंगी. सरकार ने 2014 के बाद की भर्ती परीक्षाओं की जांच करने का आश्वासन दिया है.
झारखंड छात्र आंदोलन के आगे झुकी हेमंत सरकार
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर पिछले 24 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को बड़े फैसले के साथ निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया. यहां रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे हजारों अभ्यर्थियों के दबाव के बीच सीएम हेमंत सोरेन की सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने, TDPL के जरिए कराई गई परीक्षाओं को निरस्त करने और 2014 के बाद हुई भर्ती परीक्षाओं की जांच कराने का ऐलान किया है. सीएम के इस फैसले के बाद आंदोलन स्थल पर छात्रों ने जमकर जश्न मनाया.
24 दिनों तक चला आंदोलन
बता दें कि जुलाई के आखिरी सप्ताह में शुरू हुए इस आंदोलन में छात्र JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा और JSSC-CGL समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे थे. जहां आंदोलन को राजनीतिक रंग से दूर रखने के लिए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अलग-अलग मंच बनाए गए. अगस्त की शुरुआत में आंदोलन ने भूख हड़ताल का रूप ले लिया. यहां छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के साथ उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति समेत कई अभ्यर्थी अनशन पर बैठ गए थे.
जहां भारी बारिश के बीच राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसके बाद आंदोलन को लेकर सरकार पर दबाव और बढ़ गया. ऐसे में अब सोमवार को सरकार के फैसले के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिन से चल रहा अनशन समाप्त कर दिया है.
जानें सरकार ने छात्रों की कौन-कौन सी मांगें मानीं
सीएम हेमंत सोरेन ने सोमवार को घोषणा की कि JSSC-CGL परीक्षा रद्द की जाएगी. इसके साथ ही TDPL के माध्यम से आयोजित अन्य परीक्षाओं, उनके परिणामों और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को भी रद्द करने का फैसला लिया गया. साथ ही सरकार ने 2014 के बाद हुई परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं में सामने आई गड़बड़ियों की व्यापक जांच का ऐलान किया है.
इसके अलावा सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने की भी घोषणा की है. इस समिति का उद्देश्य JPSC और JSSC की परीक्षा प्रक्रिया में जरूरी सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है. ,सीएम ने यह भी कहा कि अगर मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP का पालन किया गया होता तो ऐसी गड़बड़ियां नहीं होतीं.
जानें क्या आंदोलन कर रहे छात्रों की सभी मांगें पूरी हुई
सरकार के इस फैसले को छात्र आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है, लेकिन तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है. प्रदर्शनकारी लंबे समय से CBI जांच की मांग भी कर रहे थे. सरकार की ओर से फिलहाल जांच की जिम्मेदारी राज्य की CID और सुधार संबंधी समिति को देने की बात सामने आई है. इसी वजह से कुछ छात्र नेताओं ने कहा कि CBI जांच की मांग पर अंतिम फैसला होने तक उनका रुख पूरी तरह खत्म नहीं माना जा सकता है. फिलहाल JSSC-CGL रद्द होने और व्यापक जांच के ऐलान के बाद छात्रों को बड़ी राहत मिली है. आंदोलन ने झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में ला दिया है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से Hindi.News18.com<…
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