भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

झारखंड को सिर्फ खनिज राज्य ही नहीं, नॉलेज हब बनाना है: हेमंत




नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के विकास का व्यापक विजन-दस्तावेज प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में सीएम ने दोटूक कहा कि देश को समृद्ध बनाने में झारखंड ने दशकों से अपनी खनिज संपदा की आहुति दी है, लेकिन बदले में विस्थापन, पर्यावरण की क्षति और उग्रवाद जैसी चुनौतियां झेली हैं। अब वक्त आ गया है कि देश झारखंड को सिर्फ रिसोर्स सप्लायर (संसाधन आपूर्तिकर्ता) न समझे, बल्कि विकास का बराबर का साझेदार बनाए। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तब तक पूरा नहीं होगा, जब तक झारखंड को उसका हक और केंद्रीय उपक्रमों पर बकाया भारी-भरकम राशि नहीं मिल जाती। बैठक में हेमंत ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसका सीधा लाभ यहां के मूलवासियों और आदिवासियों को मिले। हमारा लक्ष्य अब खनिज संपदा को मानव संपदा से, उद्योगों को सीधे रोजगार से और चौतरफा विकास को सामाजिक न्याय से जोड़ना है। इसके लिए माइनिंग सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित खनिज अन्वेषण और सस्टेनेबल माइनिंग (सतत खनन) पर काम शुरू कर दिया गया है। सीएम ने बताया कि सालाना 1400 करोड़ रुपए सिर्फ कौशल विकास पर खर्च हो रहे हैं। एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से 1200 करोड़ रु. का मेगा स्किलिंग इकोसिस्टम तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री सारथी योजना से 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। आईटीआई को रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल और एआई जैसे पाठ्यक्रमों के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है। सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के सुखद परिणाम आने लगे हैं। यहां के बच्चे आईआईटी व मेडिकल संस्थानों में जा रहे हैं। हेमंत ने रखा झारखंड का विजन… मानव पूंजी ही असली समृद्धि: खनिज संपदा से धरती को ही नहीं खोदना है, बल्कि उससे मिलने वाले राजस्व को इंसानों पर खर्च कर विकास का नया मॉडल बनाना है। संसाधन से साझीदार की ओर: झारखंड अब सिर्फ कोयला-लोहा देने वाला राज्य बनकर नहीं रहेगा, इसे मैन्युफैक्चरिंग, नॉलेज व ग्रीन इकोनॉमी का हब बनना है। खेल और खिलाड़ियों की सुरक्षा: खेल महासंघों के ढर्रे में बड़ा सुधार किया जाएगा। खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए एक फूल-प्रूफ नई व्यवस्था लागू होगी। कुपोषण पर कड़ा प्रहार: सामर कार्यक्रम और पोषण अभियान से कुपोषण को खत्म किया जा रहा है। खेल और स्वास्थ्य में नया हब बनेगा राज्य सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: फुटबॉल-हॉकी के लिए राष्ट्रीय स्तर का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी है। मेडिकल सीटें: मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने व पीपीपी मोड पर नए मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव है। विदेशी स्कॉलरशिप: देश के शीर्ष संस्थानों के साथ-साथ विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए प्रतिभावान विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप दी जा रही है। केंद्र से बड़ी मांगें; कहा- हमारा हक तुरंत मिले नीति आयोग की बैठक में सीएम हेमंत सोरेन। इन्फ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ का मजबूत नेटवर्क… सीएम ने कहा- झारखंड अब पारंपरिक उद्योगों से हटकर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और एग्रो-फूड प्रोसेसिंग में निवेश आकर्षित कर रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने पंचायत स्तर तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई हैं, जिसके तहत 1276 पंचायत स्तरीय दवा दुकानें खोली जा चुकी हैं। ₹1.36 लाख करोड़ का बकाया: केंद्र सरकार की कोल कंपनियों और अन्य केंद्रीय उपक्रमों पर बकाया इस राशि का भुगतान तुरंत किया जाए, ताकि यह पैसा राज्य के बुनियादी ढांचे में लग सके। 6000 करोड़ का जल जीवन फंड: जल जीवन मिशन के तहत लंबित 6000 करोड़ रुपए की राशि शीघ्र जारी की जाए। 15 हजार आंगनबाड़ी भवन: राज्य के 38 हजार केंद्रों में से 15 हजार के पास अपने भवन नहीं हैं। राज्य अपने दम पर 5000 भवन बना रहा है, शेष के लिए केंद्र वित्तीय मदद दे। एजुकेशन और स्पोर्ट्स इंफ्रा: राज्य में पीएम श्री व केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही, रांची में एनसीईआरटी का क्षेत्रीय केंद्र और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना हो। नीतिगत सरलीकरण: जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के नियमों की समीक्षा हो और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top