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Jamshedpur’s Famous Book Street: जमशेदपुर के स्टूडेंट्स को सिलेबस से लेकर कांपटीटिव एग्जाम तक, किसी भी तरह की, कोई भी किताब चाहिए हो वे पुस्तक गली का रुख करते हैं. यहां किताबों की कम से कम 35 दुकानें हैं जहां हर तरह की बुक, बाजार से काफी कम कीमत पर मिल जाती है. यह मार्केट साकची गोलचक्कर के करीब, पुराने बस स्टैंड के पास है. यहां दूसरे शहरों से भी स्टूडेंट्स बुक्स लेने आते हैं.
जमशेदपुर को स्टील सिटी के नाम से जाना जाता है, लेकिन यह शहर शिक्षा और पुस्तकों के प्रति अपने प्रेम के लिए भी खास पहचान रखता है. शहर में एक ऐसी प्रसिद्ध ‘पुस्तक वाली गली’ है, जहां हर दिन सैकड़ों विद्यार्थी, अभिभावक और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा पहुंचते हैं. इस गली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां कक्षा 1 से लेकर रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, यूपीएससी, जेपीएससी, बीपीएससी, नीट, जेईई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं. कई किताबें बाजार कीमत से 50 प्रतिशत तक कम दर पर मिल जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों को काफी राहत मिलती है.
करीब 35 से अधिक पुस्तक दुकानों से सजी यह गली किताबों का खजाना कही जाती है. यहां पहुंचते ही चारों तरफ पुस्तकों की लंबी कतारें दिखाई देती हैं. स्कूल की पाठ्यपुस्तकों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की गाइड, प्रश्न बैंक, मॉडल पेपर, सामान्य ज्ञान, साहित्य, उपन्यास और बच्चों की कहानी की किताबें तक उपलब्ध हैं. यही कारण है कि यह जगह विद्यार्थियों और पुस्तक प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती.
इस गली की एक और खास बात इसकी व्यवस्थित व्यवस्था है. दुकानों में किताबों को विषय, कक्षा और परीक्षा के अनुसार इस तरह सजाया गया है कि ग्राहक को अपनी जरूरत की पुस्तक ढूंढने में परेशानी नहीं होती. अगर कोई विद्यार्थी किसी विशेष किताब का नाम बताता है, तो दुकानदार लाखों पुस्तकों के बीच से कुछ ही मिनटों में वह पुस्तक निकालकर दे देते हैं. वर्षों के अनुभव और पुस्तकों की गहरी जानकारी के कारण यहां के दुकानदार विद्यार्थियों को सही पुस्तक चुनने में भी मदद करते हैं.
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यहां देश के प्रमुख प्रकाशकों की किताबें उपलब्ध रहती हैं. एनसीईआरटी, अरिहंत, किरण पब्लिकेशन, लूसेंट, मैकग्रा हिल, एस. चंद, ऑक्सफोर्ड, पेंगुइन, राजकमल प्रकाशन, भारती भवन और प्रभात प्रकाशन जैसी नामी प्रकाशन संस्थाओं की पुस्तकें यहां आसानी से मिल जाती हैं. कई दुकानदार सीधे प्रकाशकों और वितरकों से किताबें मंगाते हैं, जिससे कीमतें अपेक्षाकृत कम रहती हैं और विद्यार्थियों को अधिक विकल्प मिलते हैं.
इस पुस्तक बाजार की पहचान केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है. यहां झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार से भी लोग किताबें खरीदने पहुंचते हैं. दुकानदारों के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों से नई-नई पुस्तकें लगातार यहां आती रहती हैं, जिससे विद्यार्थियों को लेटेस्ट एडिशन और अपडेटेड स्टडी मैटीरियल उपलब्ध हो पाता है.
आज के डिजिटल दौर में भी यह पुस्तक वाली गली विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का एक मजबूत केंद्र बनी हुई है. कम कीमत, पुस्तकों की विशाल वैरायटी और अनुभवी दुकानदारों की मदद इसे खास बनाती है. बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सपना देखने वाले हजारों युवाओं के लिए यह गली सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि उनके सपनों को उड़ान देने वाली एक महत्वपूर्ण जगह है.