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एनडीए के 24… महज 4 MLA की कमी, राज्यसभा चुनाव में कौन...


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Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में दो सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर 18 जून को मत डाले जाएंगे. खास बात यह कि इन दो सीटों के लिए तीन कैंडिडेट मैदान में हैं. ऐसे में जीत की जुगाड़ में पार्टी संभावित क्रॉस वोटिंग और सहयोगी दलों के समर्थन पर नजर बनाए हुए है.

महज 4 MLA ही कम, राज्यसभा चुनाव में कौन मारेगा बाजी? सरयू राय के बयान से खलबलीZoom

झारखंड राज्यसभा चुनाव: बैद्यनाथ राम और प्रणव झा के मुकाबले परिमल नाथवानी, सरयू राय का बड़ा बयान.

रांची. झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है. ऐसा इसलिए है कि सीटें दो हैं और उम्मीदवार तीन. इंडिया ब्लॉक से दो कैंडिडेट झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने दिए हैं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने अपना कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा है. हालांकि, एनडीए ने परिमल नाथवानी को समर्थन देने की घोषणा की है, लेकिन पेच सीटों की संख्या को लेकर फंस गया है. लेकिन, भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जीत के लिए चार अतिरिक्त वोटों की जरूरत है, जिसके चलते पार्टी संभावित क्रॉस वोटिंग और सहयोगी दलों के समर्थन पर नजर बनाए हुए है. इस बीच वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने इशारा किया है कि संख्या बल की कमी के बावजूद, सत्ता पक्ष के कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं, जिससे एनडीए की जीत के समीकरण बदल सकते हैं.

दरअसल, दो सीटों पर होने वाले इस मुकाबले में तीन दिग्गज उम्मीदवारों की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प हो गया है. इंडिया गठबंधन की ओर से झामुमो के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा मैदान में हैं, जबकि एनडीए ने निर्दलीय उम्मीदवार और जाने-माने उद्योगपति परिमल नाथवानी को अपना खुला समर्थन दिया है. हालांकि संख्या बल के आधार पर झामुमो की एक सीट सुरक्षित मानी जा रही है, लेकिन दूसरी सीट के लिए एनडीए और कांग्रेस के बीच शह-मात का खेल जारी है. वर्तमान में एनडीए के पास 24 विधायक हैं और अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्हें केवल 4 अतिरिक्त वोटों की जुगाड़ है, जिसके लिए विपक्षी गठबंधन के विधायकों में ‘अंतरात्मा की आवाज’ पर क्रॉस वोटिंग कराने की रणनीति पर काम चल रहा है, जिससे एनडीए की जीत के समीकरण बदल सकते हैं.

एनडीए के 24 विधायक, 4 की कमी

इसी को लेकर झारखंड के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सरयू राय ने कहा कि वर्तमान में एनडीए के पास 24 विधायक हैं और बहुमत के लिए केवल 4 विधायकों की कमी है. उन्होंने संभावना जताई कि विपक्षी खेमे के 6 से 7 विधायक जहां है, वहां अपनी शर्तों पर अंतरात्मा की आवाज सुनकर एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं. ऐसे में राज्यसभा की दोनों सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे हैं. एनडीए खेमे की नजर अब उन विधायकों पर है जो नाराज चल रहे हैं या अपनी शर्तें मनवाना चाहते हैं.

परिमल नाथवानी ने बदला समीकरण

बता दें कि निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन को वैध घोषित किए जाने के बाद से ही चुनावी मैदान पूरी तरह सज चुका है. नाथवानी को भाजपा, आजसू और एनडीए के अन्य घटक दलों का पूरा समर्थन प्राप्त है. राजनीति के जानकारों का मानना है कि परिमल नाथवानी की मजबूत पकड़ और एनडीए की रणनीति के चलते दूसरी सीट पर कांग्रेस के प्रणव झा के लिए राह आसान नहीं रहने वाली है. बीजेपी को महज 3 से 4 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है, जिसे हासिल करने के लिए पर्दे के पीछे से भारी गोटियां बिछाई जा रही हैं.

सरयू राय के संकेत को समझिए

वहीं, सरयू राय ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि विपक्षी खेमे यानी इंडिया गठबंधन के विधायक एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं. सरयू राय के इस दावे के बाद कांग्रेस और झामुमो के भीतर क्रॉस वोटिंग का डर इतना गहरा गया है कि गठबंधन अपने विधायकों को टूटने से बचाने के लिए जुगत लगा रहा है. इसके लिए ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ तक का सहारा लेने की बात कही जा रही है और विधायकों को राज्य से बाहर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी की चर्चा है.

क्रॉस वोटिंग रोकना सबसे अहम

खास बात यह है कि राज्यसभा का चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से होता है और दलीय व्हिप घोषित तौर पर लागू नहीं होता है, ऐसे में क्रॉस वोटिंग की संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं, इसलिए इस बार पोलिंग एजेंटों की भूमिका निर्णायक होने वाली है. नियमों के अनुसार, विधायकों को अपना मतपत्र पेटी में डालने से पहले अपनी पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंट को दिखाना अनिवार्य होता है. ऐसे में अगर कोई विधायक बगावत कर पार्टी लाइन से अलग वोट करता है, तो उसकी सदस्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है.



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