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सुवेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम में अपने काम करने के तरीके को साफ किया. उन्होंने अनावश्यक बयानबाजी से पूरी तरह दूरी बनाए रखने की बात कही. सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ‘मैं ज्यादा बात नहीं करूंगा, मैं काम करूंगा. मेरा काम ही खुद बोलेगा.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों को प्राथमिकता देते हैं. राजनीति में केवल बातें करने से जनता का भला नहीं हो सकता है.
सुवेंदु अधिकारी ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. (फाइल फोटो)
कोलकाता. कोलकाता के बालीगंज में आयोजित “बंगाल विकास फोरम” कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल विधानसभा के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में नई सरकार के कामकाज और विकास कार्यों को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता संभाले पांच सप्ताह हो चुके हैं और इस दौरान लोगों को बदलाव साफ दिखाई देने लगा है. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जनता खुद आकलन कर सकती है कि क्या अब लाउडस्पीकरों का शोर सुनाई देता है या सड़कों पर जाम लगाने जैसी स्थितियां देखने को मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पद की कुछ सीमाएं होती हैं और वह अनावश्यक बयानबाजी में विश्वास नहीं रखते.
उन्होंने कहा, “मैं ज्यादा बात नहीं करूंगा, मैं काम करूंगा. मेरा काम ही खुद बोलेगा.” अधिकारी ने दावा किया कि सीमावर्ती इलाकों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाया जा रहा है. विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कोलकाता के चिंगरीघाटा क्षेत्र में मेट्रो परियोजना का काम, जो लंबे समय से रुका हुआ था, अब दोबारा शुरू हो गया है. उनके मुताबिक, सरकार का फोकस बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशासनिक सुधार और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर है. सुवेंदु अधिकारी के इस बयान को राज्य में विकास के दावों के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी प्राथमिकता राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणाम हैं.
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने जनता दरबार लगाया
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को भाजपा कार्यालय में अपना जनता दरबार लगाया, जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को उनका शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए. पहला ‘जनता दरबार’ 18 मई को आयोजित किया गया था. मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद अधिकारी ने इस साप्ताहिक कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा था कि नागरिक हर सप्ताह सीधे उनसे मिल सकेंगे.
शनिवार को गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के परिजन, स्वास्थ्यकर्मी और नौकरी की तलाश कर रहे लोग बड़ी संख्या में अपनी शिकायतें दर्ज कराने और मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराने पहुंचे. जनता दरबार में पहुंचे लोगों में से एक करुणा ने बताया कि वह अपनी बेटी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने आई हैं.
वहीं, एक अन्य महिला तनिमा चटर्जी नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के साप्ताहिक शिकायत निवारण कार्यक्रम में शामिल हुईं. वह सरकार की मिशन वात्सल्य पहल में कार्यक्रम अधिकारी हैं. उन्होंने कहा, “हम कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के लिए परिवार-आधारित और गैर-संस्थागत देखभाल को बढ़ावा देते हैं. राज्य में 876 कर्मचारी कार्यरत हैं, फिर भी हमें नौकरी की सुरक्षा नहीं मिली है. हमें केवल एकमुश्त मानदेय दिया जाता है.”
चटर्जी ने कहा, “पिछली सरकार ने हमारे लिए कभी कुछ नहीं किया, लेकिन हमें उम्मीद है कि भाजपा सरकार हमारी नौकरियों को स्थायी करेगी.” कई अन्य लोगों ने बताया कि वे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने आए हैं. उनका आरोप था कि पिछली सरकार ने हत्या के मामलों और अन्य अपराधों को दबाने का प्रयास किया था.
यह साप्ताहिक जनसंपर्क पहल बंगाल में सत्ता में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के शुरुआती जनोन्मुखी प्रशासनिक प्रयासों में से एक के रूप में उभर रही है. भाजपा शासित राज्यों में इस तरह की जनसुनवाई की व्यवस्था पहले भी देखने को मिलती रही है और पार्टी इसे आम लोगों तक पहुंच बढ़ाने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण का प्रभावी माध्यम बताती है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें