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जहां ट्रैफिक सिग्नल नहीं, संगीत रोक लेता है कदम, पलामू का अनोखा...


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झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में बना लता मंगेशकर चौक लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. नगर निगम ने भारत रत्न स्वर्गीय लता मंगेशकर के सम्मान में इस चौक का निर्माण कराया है, जहां विशाल वीणा की प्रतिकृति, हरियाली और भारतीय संस्कृति को दर्शाती कलाकृतियां स्थापित की गई हैं. आधुनिक स्पीकरों पर दिनभर लता जी के सदाबहार गीत बजते रहते हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को सुकून का एहसास होता है. करीब 68 लाख रुपये की लागत से विकसित यह स्थान अब मेदिनीनगर की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है और संगीत प्रेमियों को खास तौर पर आकर्षित कर रहा है.

Palamu News : आज के इस आधुनिक दौर में जीवन 5जी तकनीक के युग में प्रवेश कर चुकी है, लेकिन पुराने दौर के संगीतो का आकर्षण आज भी दिलों में बरकरार है. खासकर स्वर कोकिला स्वर्गीय लता मंगेशकर की मधुर आवाज आज भी लोगों को मन को भावुक कर देती है. जिसे लेकर झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में एक ऐसा ही अनोखा चौक विकसित किया गया है, जहां से गुजरने वाले लोग केवल अपना सफर तय नहीं करते, बल्कि स्वर कोकिला के गीत की मधुर दुनिया में भी खो जाते हैं. यहां बजने वाले गीत राहगीरों को आंतरिक सुकून मिलता है और कुछ पल के लिए उन्हें भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर ले जाते हैं.

यह चौक लता मंगेशकर को है समर्पित
दरअसल, मेदिनीनगर नगर निगम द्वारा शहरवासियों को एक विशेष सौगात के रूप में एक चौक का निर्माण कराया है. यह चौक का नाम भारत रत्न और महान गायिका लता मंगेशकर के सम्मान में “लता मंगेशकर चौक” रखा गया है. चौक के केंद्र में विशाल वीणा की प्रतिकृति स्थापित की गई है, जो कि संगीत और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों को भी बड़े खूबसूरती और आकर्षक स्वरूप दिया गया है ताकि यह स्थान केवल यातायात का केंद्र न होकर सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बने.

भारतीय संस्कृति की मिलती है झलक

चौक और उसके आसपास विकसित ग्रीन जोन में भारतीय संस्कृति और सभ्यता को पूर्ण रूप से दर्शाने वाली कई कलाकृतियां स्थापित की गई हैं. दीवारों पर कथक नृत्य की विभिन्न मुद्राओं को दर्शाती कलात्मक प्रतिकृतियां लगाई गई हैं, जो कि भारतीय शास्त्रीय कला की सुंदर झलक प्रस्तुत करती हैं. यह स्थान आने वाले लोगों को आधुनिकता के साथ-साथ भारतीय परंपराओं से भी जोड़ता है.

68 लाख की लागत से हुआ विकास
इस परियोजना का निर्माण तत्कालीन नगर आयुक्त जावेद हुसैन के कार्यकाल में लगभग 68 लाख रुपये की लागत से कराया गया है. यूनियन चर्च के सामने चर्च रोड से लेकर सद्दीक मंजिल चौक तक पाथवे, फेबर ब्लॉक, आकर्षक लाइटिंग, हरियाली और पौधारोपण के माध्यम से पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया गया है. महिला कॉलेज, केजी स्कूल और गर्ल्स हॉस्टल तक फैले ग्रीन जोन को भी विकसित किया गया है. यहां लगाए गए आधुनिक स्पीकरों से दिनभर मधुर गीत सुनाई देते हैं.

लोगों को मिलता है सुकून
स्थानीय निवासी मनोज कुमार घोष ने लोकल18 की बताया कि शाम के समय यहां का माहौल बेहद मनमोहक होता है. लोग परिवार और मित्रों के साथ यहां समय बिताने आते हैं. वहीं शंभू कुमार ने कहा कि यह मेदिनीनगर का सबसे खास और शांत स्थान बन गया है. लता मंगेशकर की सुरीली आवाज में बजते गीत लोगों को मानसिक शांति देता हैं. हालांकि स्थानीय लोग और राहगीर यहां शेड और पेयजल जैसी अतिरिक्त सुविधाओं की मांग भी कर रहे हैं, ताकि भीषण गर्मी और बारिश के दौरान लोगों को और अधिक सुविधा आसानी से मिल सके. कुल मिलाकर लता मंगेशकर चौक आज मेदिनीनगर में संगीत, संस्कृति और सुकून का नया केंद्र बनकर उभर रहा है.



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