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रामगढ़ के गोला प्रखंड में जंगली हाथियों के 14 सदस्यीय झुंड ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में दहशत फैला दी है। बीती रात हाथियों ने कई गांवों में जमकर उत्पात मचाया, जिससे लोगों में भय का माहौल गहरा गया है। कोरांबे गांव में सागर महतो के घर की खिड़की और दीवार को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। वहीं बिनोद महतो की राशन दुकान के गोदाम को तोड़कर उसमें रखा महुआ और चना खा गए। चनेसर महतो के खेत की सुरक्षा के लिए बनाई गई चहारदीवारी को भी हाथियों ने ध्वस्त कर दिया। अचानक हुए इस हमले से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोग रातभर जागकर अपनी सुरक्षा में जुटे रहे। दामोदर पार कर गांव-गांव घूम रहा झुंड जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह झुंड बोकारो जिले के महुआटांड़ क्षेत्र से दामोदर नदी पार कर गोला प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में पहुंचा है। हेसापोड़ा, खैराजारा, डुमरडीहा, सिंगारी, परसा डीह, कोरांबे, बड़का जारा, हेठगढ़ा, मुरपा, कुवा, लिपीया, बुटगोड़वा, गंधौनिया और सुतरी सहित कई गांव इस झुंड की चपेट में हैं। इस दौरान करीब 10 से 15 एकड़ में लगी मक्का, नेनुआ, भिंडी और बोदी जैसी फसलें हाथियों ने खाकर और रौंदकर बर्बाद कर दी हैं। गणेश रजवार और कुलदीप रजवार समेत दर्जनों किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। खेतों में तैयार फसल नष्ट होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेत जाने से डर रहे किसान हाथियों के लगातार हमले से हालात ऐसे हो गए हैं कि किसान अब अपने खेतों में जाने से भी डर रहे हैं। दिन के समय भी वे डंडे लेकर समूह में खेतों की रखवाली कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि थोड़ी सी भी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीणों और पीड़ित किसानों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही हाथियों को जंगल की ओर नहीं खदेड़ा गया, तो नुकसान और बढ़ सकता है। साथ ही प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग भी की गई है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और वे सामान्य जीवन जी सकें।
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