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कोडरमा में कोर्ट के आदेश पर बेदखली:प्रशासन को लोगों के विरोध का...




कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र में मंगलवार को प्रशासनिक टीम को बेदखली अभियान के दौरान स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सतपुलिया के पास ग्रीजली बीएड कॉलेज के पीछे हुई इस कार्रवाई में करीब एक दर्जन दलित परिवार बेघर हो गए। यह कार्रवाई कोडरमा अंचल के खाता संख्या 292, प्लॉट संख्या 470 की 15 डिसमिल जमीन पर भरत वर्मा को दखल दिहानी दिलाने के लिए की जा रही थी। जिला प्रशासन की टीम मजिस्ट्रेट की निगरानी में मौके पर पहुंची थी। जेसीबी के माध्यम से भूमि पर बने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया भूमि पर रह रहे परिवारों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद दंडाधिकारी और तिलैया पुलिस के जवानों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और हटने का निर्देश दिया। इसके बाद जिला प्रशासन ने जेसीबी के माध्यम से भूमि पर बने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। मकान तोड़े जाने के बाद प्रभावित परिवार उग्र हो गए और उन्होंने जमकर हंगामा किया। हालांकि, मौके पर भारी संख्या में मौजूद पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया और बेदखली का कार्य जारी रखा। दलित नेता और वार्ड पार्षद प्रेम प्रकाश ने बताया कि ये दलित परिवार इस भूमि पर सैकड़ों वर्षों से रह रहे हैं। उनके अनुसार, जिस भूमि को भरत वर्मा ने रैयतों से खरीदा है, वहां रह रहे दलित परिवारों के पूर्वज तीन पीढ़ी पहले उन रैयतों के घरों में मजदूरी करते थे। भूमि खाली न कराने का आश्वासन दिया था: वार्ड पार्षद प्रेम प्रकाश ने दावा किया कि मजदूरी के बदले उन रैयतों ने इन परिवारों को यहां रहने की इजाजत दी थी और भविष्य में कभी भी भूमि खाली न कराने का आश्वासन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब परिवार अपनी मेहनत के बदले मिली इस जमीन पर अपना आशियाना बनाकर रह रहे थे, लेकिन कुछ वर्ष पूर्व जमीन के मूल रैयत परिवारों ने ‘बेईमानी’ से इस जमीन को भरत वर्मा के नाम से रजिस्ट्री कर दी। उन्होंने इसे दलितों के साथ सरासर अन्याय बताया और विरोध जारी रखने की बात कही। बताते चलें कि इससे पूर्व भी तीन बार न्यायालय के आदेश पर दंडाधिकारी की मौजूदगी में इस जमीन के लिए प्रशासन पहुंची थी। जिस पर स्थानीय लोगों द्वारा विरोध करते हुए पथराव तक भी किया गया था। इधर मंगलवार को प्रशासन वहां पूरी तैयारी के साथ पहुंची और दखलदिहानी का कार्य किया गया।



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