राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत रांची यूनिवर्सिटी ने पोस्ट ग्रेजुएशन शिक्षा की तस्वीर बदलने वाला बड़ा फैसला लागू कर दिया है। अब तक जिस पीजी को छात्र सीधे दो साल के कोर्स के रूप में देखते थे, उसे विश्वविद्यालय ने “मल्टीपल एंट्री-एग्जिट” मॉडल में ढाल दिया है। इसके तहत 2960 स्वीकृत सीटों वाले पीजी पाठ्यक्रमों में पहले वर्ष में केवल 1480 सीटों पर ही दाखिला लिया जाएगा। वहीं शेष 1480 सीटें दूसरे वर्ष में उन विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी जो चार वर्षीय स्नातक (FYUGP) पूरा कर एक वर्षीय पीजी में प्रवेश लेना चाहेंगे। यूनिवर्सिटी की ओर से जारी अधिसूचना ने साफ कर दिया है कि सत्र 2025-26 से पीजी की पूरी संरचना बदल जाएगी। इसका सीधा असर इस वर्ष नामांकन की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर कॉमर्स में कुल 280 सीटें हैं, लेकिन इस वर्ष पहले वर्ष में केवल 140 सीटों पर ही नामांकन होगा। इसी तरह अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, भूगोल और राजनीति विज्ञान जैसे लोकप्रिय विषयों में कुल 170 सीटें होने के बावजूद पहले वर्ष में सिर्फ 85-85 सीटों पर दाखिला लिया जाएगा।
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