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देवघर के शिवलोक परिसर में इन दिनों 15 राज्यों का हस्तशिल्प मेला लोगों को आकर्षित कर रहा है. मेले में लखनऊ की मशहूर चिकनकारी, जयपुरी सूट, सहारनपुर की लकड़ी की कलाकृतियां समेत कई पारंपरिक उत्पाद उपलब्ध हैं. खास बात यह है कि यहां खरीदारी की शुरुआत सिर्फ 200 रुपये से हो रही है. कम कीमत और एक ही जगह पर कई राज्यों के उत्पाद मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंच रहे हैं.
देवघर: पूरे आठ साल बाद देवघर के लोगों को एक बार फिर शानदार खरीदारी का मौका मिला है. अगर आप कम कीमत में बेहतरीन और देश के अलग-अलग राज्यों के मशहूर उत्पाद खरीदना चाहते हैं, तो शिवलोक परिसर में आयोजित हस्तशिल्प उत्सव मेला आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यहां एक ही स्थान पर देश के 15 राज्यों के प्रसिद्ध उत्पाद उपलब्ध हैं. मेले में रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं.
लोगों के बीच भी आकर्षण का केंद्र
खास बात यह है कि यहां मिलने वाले कई सामान बाजार की तुलना में अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध हैं, जिससे आम लोगों को भी बेहतर खरीदारी का अवसर मिल रहा है. मेले का माहौल पूरी तरह रंग-बिरंगा और आकर्षक नजर आ रहा है. यहां विभिन्न राज्यों की संस्कृति, कला और हस्तशिल्प की अनूठी झलक देखने को मिल रही है. यही कारण है कि यह मेला स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों के बीच भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
शिवलोक परिसर में लगा हस्तशिल्प उत्सव मेला
देवघर के शिवलोक परिसर में 14 जून से हस्तशिल्प उत्सव मेले का आयोजन शुरू हुआ है, जो 5 जुलाई तक चलेगा. मेले के आयोजक लखनऊ निवासी सुनील शर्मा ने बताया कि इस बार देश के लगभग 15 राज्यों के कारीगर और व्यापारी अपने-अपने राज्यों के प्रसिद्ध उत्पाद लेकर देवघर पहुंचे हैं. ऐसे में लोगों को अलग-अलग राज्यों में जाकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यहां एक ही जगह पर कई राज्यों की खास वस्तुएं उपलब्ध हैं. मेले में लखनऊ की मशहूर चिकनकारी के परिधान, सहारनपुर की लकड़ी से बनी आकर्षक सजावटी वस्तुएं, राजस्थान का प्रसिद्ध चूरमा और अन्य कई पारंपरिक उत्पाद लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं. लगभग हर स्टॉल पर खरीदारों की भीड़ देखने को मिल रही है.
200 रुपये से शुरू हो रही है चिकनकारी कुर्ती
मेले में महिलाओं के लिए खरीदारी के कई आकर्षक विकल्प मौजूद हैं. यहां मात्र 200 रुपये से कुर्तियां उपलब्ध हैं. इसके अलावा जयपुरी कॉटन ड्रेस, दिल्ली के स्टाइलिश शरारे, राजस्थानी सूट, जयपुरी प्रिंट की कुर्तियां, लखनऊ की चिकनकारी और कई तरह के फैशनेबल परिधान बिक्री के लिए रखे गए हैं. कपड़ों की कीमत 200 रुपये से लेकर 1800 रुपये तक है, जिससे हर वर्ग के लोग अपने बजट के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं. महिलाओं और युवतियों में इन स्टॉलों को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. कपड़ों के अलावा हस्तनिर्मित सजावटी सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और पारंपरिक उत्पाद भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं.
5 जुलाई तक चलेगा मेला
मेले का संचालन प्रतिदिन सुबह करीब 11:30 बजे से शुरू होकर रात 9 बजे तक होता है. शाम के समय यहां सबसे अधिक भीड़ देखने को मिल रही है. परिवार के साथ आने वाले लोग खरीदारी के साथ-साथ मेले के माहौल का भी आनंद उठा रहे हैं. आयोजकों का कहना है कि इस मेले का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों की कला और हस्तशिल्प को लोगों तक पहुंचाना है, ताकि कारीगरों को बेहतर बाजार मिल सके और ग्राहकों को उचित कीमत पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो सकें. ऐसे में यदि आप भी कुछ खास, पारंपरिक और किफायती सामान खरीदना चाहते हैं, तो 5 जुलाई तक चलने वाले इस हस्तशिल्प उत्सव मेले का जरूर रुख कर सकते हैं.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें