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पलामू के इस एफपीओ को 95% सब्सिडी पर मिली तेल मिल, अब...


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Palamu Pandwa FPO Oil Mill: पलामू के पंडवा में पंडवा फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड एफपीओ ने वेजफेड रांची की मदद से तेल मिल शुरू की है. इस मिल पर 95 परसेंट अनुदान पर मिला है. सरसों तेल से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है. जब वे फसल उगाने से लेकर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और सेल खुद करेंगे तो आमदनी में इजाफा होगा.

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पलामू. बदलते दौर में किसानों की आय दुगनी करने के लिए सरकार भी कई तरह की योजना चला रही है. जिसका लाभ लेकर किसान अपनी आय बढ़ा रहे हैं. मगर आज भी कई किसान अपनी उपज को खेत से सीधे बाजार में बेच देते हैं, जिससे उन्हें फसल का वास्तविक मूल्य और मुनाफा नहीं मिल पाता है. हालांकि किसान अगर केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर अपनी उपज की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बाजार में आपूर्ति की व्यवस्था खुद करें, तो उनकी आय कई गुना बढ़ सकती है. इसी सोच को साकार करने की दिशा में पलामू जिले के पंडवा प्रखंड में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से तेल मिल स्थापित की जा रही है.

आय बढ़ाने का माध्यम
दरअसल, पलामू जिले के पंडवा प्रखंड के किसानों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में पंडवा फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) के माध्यम से तेल मिल स्थापित की जा रही है. जिसके बाद किसानों को केवल खेती तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे अपने उत्पाद का प्रसंस्करण (प्रोडक्शन) और बाजार तक आपूर्ति (सप्लाई) कर अतिरिक्त लाभ अर्जित कर सकेंगे. किसान अब सरसों जैसी तिलहनी फसलों का उत्पादन कर सीधे तेल निकालकर बिक्री कर सकेंगे, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है. साथ ही तेल मिल से तैयार उत्पाद स्थानीय बाजार में उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं को भी शुद्ध तेल मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

95 परसेंट अनुदान पर मिली है मिल
पंडवा प्रखंड के किसान ओमकार नाथ ने लोकल18 को बताया कि यह तेल मिल वेजफेड रांची के सहयोग से मिली है. जिसमें लगभग 25 लाख रुपये की इस योजना में सरकार की ओर से 95 प्रतिशत अनुदान दिया गया है, जबकि लाभुकों को मात्र 5 प्रतिशत राशि का योगदान करना पड़ा. तेल मिल की स्थापना के लिए करीब 30×40 फीट क्षेत्र में मशीनें लगाई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि यह परियोजना एफपीओ के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

आगे मशीनरी भी मिलेगी
ओमकार नाथ ने आगे कहा कि पंडवा फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड पिछले चार वर्षों से कार्यरत है और वर्तमान में इससे 765 किसान जुड़े हुए हैं. एफपीओ के माध्यम से किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर खाद और बीज उपलब्ध कराया जाता है. इसके साथ भविष्य में कृषि मशीनरी भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे किसान किराये पर लेकर खेती में उपयोग कर सकेंगे. इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता के साथ आय भी बढ़ेगी.

किसानों को मिलेगा फायदा
उन्होंने यह भी कहा कि एफपीओ के शुरुआती चरण में सरकार का भरपूर सहयोग मिलता है, लेकिन आगे चलकर संस्था को खुद अपने संसाधनों से संचालन करना होता है. इसी उद्देश्य को लेकर तेल मिल की स्थापना की जा रही है, ताकि एफपीओ को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके. वर्तमान में किसान सरसों को 50 से 60 रुपये प्रति किलो की दर से बेच देते हैं, लेकिन तेल निकालकर बेचने पर उन्हें कहीं ज्यादा मुनाफा मिलेगा. जहां सरसों के तेल की बिक्री लगभग 200 रुपये प्रति लीटर तक की जा सकती है. इससे किसानों को फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा और अपने क्षेत्र में कृषि आधारित व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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