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राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स में चूहों का आतंक अब मेडिसिन स्टोर तक पहुंच गया है। अस्पताल परिसर से सामने आई तस्वीरों में चूहों द्वारा दवाओं और स्लाइन की प्लास्टिक बोतल को नुकसान पहुंचाने के संकेत मिले हैं। इससे दवाओं के सुरक्षित भंडारण और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विडंबना यह है कि एक ओर रिम्स प्रबंधन लगातार आवश्यक दवाएं, स्लाइन और चिकित्सा सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने का दावा करता है, वहीं मरीजों को बाहर से जरूरी सामान खरीदना पड़ रहा है। तीन घंटे की पड़ताल में सामने आई हकीकत दैनिक भास्कर ने बुधवार को रिम्स परिसर के आसपास स्थित दवा दुकानों पर करीब तीन घंटे तक पड़ताल की। इस दौरान करीब 60 मरीजों के परिजन एनएस व आरएल की बोतलें खरीदते नजर आए। इसके अलावा 45 से अधिक लोगों ने आईवी सेट खरीदे, जबकि 100 से ज्यादा मरीजों के परिजनों ने विभिन्न प्रकार की दवाएं बाहर से खरीदीं। परिजनों का कहना था कि इमरजेंसी और वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए कई बार स्लाइन, आईवी सेट व दवाएं बाहर से लाने को कहा जाता है।
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