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Ranchi RSS office bomb attack: झारखंड की धरती पर पहली बार हुए आतंकी हमले की गुत्थी सुलझाते हुए रांची पुलिस ने आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में शामिल सभी 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और पाकिस्तान लिंक सामने आया है.
झारखंड में पहली बार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़
रांची. झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस बीच पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. जांच में पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर और अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से संपर्क की बात सामने आई है. बता दें कि रांची पुलिस ने इस मामले में सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायन सुजान को गिरफ्तार किया है. जांच में पता चला कि घटना को अंजाम देने के बाद तीनों राज्य से भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बोकारो और कोडरमा पुलिस के सहयोग से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. खुलासे के अनुसार, रांची में आरएसएस कार्यालय पर हमला करने के बाद इन आतंकियों का अगला निशाना कानपुर शहर था. झारखंड पुलिस का दावा है कि झारखंड में इस तरह की यह पहली आतंकी घटना है.
पेट्रोल बम फेंकने से लेकर वीडियो रिकॉर्डिंग तक की साजिश
अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन से लिंक होने के बाद पहली बार रांची में आतंकियों के द्वारा आतंकी हमला किया गया. इस हमले का मकसद दहशत फैलाना था. सैफ अंसारी ने आरएसएस दफ्तर में 2 पेट्रोल बम फेंके. इस पूरी प्रक्रिया को सैफ के सहयोगी अमन ने अपने मोबाइल के कैमरे में रिकॉर्ड किया और फिर अपने हैंडलर को भेजा. हैंडलर पाकिस्तान में बैठा था. इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी रांची से फरार हो गए.
भागने की कोशिश में नाकाम रहे आतंकी
बता दें कि घटना के बाद आरोपी रांची से भाग निकले, लेकिन कोडरमा के आगे बोकारो और कोडरमा पुलिस के सहयोग से इन्हें गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में यह बात सामने आई कि सैफ और अमन रैपिडो कैब से आरएसएस कार्यालय पहुंचे थे. उनके साथ कैब में सायन सुजान भी था. हालांकि वह कैब से नहीं उतरा था, लेकिन वह भी इस पूरी साजिश का हिस्सा था.
दुबई से पाकिस्तान तक आतंकी कनेक्शन
पूछताछ में सैफ और अमन ने बताया कि वे दुबई गए थे और वहीं से पाकिस्तान के शाहबाज राणा उर्फ भट्टी के संपर्क में आए. इसी के बाद वे आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए रेडिकलाइज यानी कट्टर हो गए. मामले में पुलिस के समक्ष यह इंटरनेशनल कनेक्शन भी सामने आया है. हैंडलर को ही हमले का वीडियो भेजा गया था.
केस झारखंड एटीएस को ट्रांसफर
रांची एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस को एटीएस के सुपुर्द करने की मांग रांची पुलिस ने की थी. पुलिस मुख्यालय ने इस मांग को मान लिया और केस एटीएस को ट्रांसफर कर दिया गया है. अब आगे की जांच झारखंड एटीएस कर रही है.
स्लीपर सेल से आगे बढ़ता खतरा
गिरफ्तार आरोपियों में सैफ अंसारी और अमन अंसारी लोहरदगा के रहने वाले हैं, जबकि सायन सुजान रांची का निवासी है. यह और भी चिंता का विषय है क्योंकि, अब तक झारखंड में केवल स्लीपर सेल की गतिविधियों की आशंका जताई जाती रही थी, लेकिन इस घटना ने संकेत दिया है कि राज्य में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल भी मौजूद हो सकते हैं. यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं.
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