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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजान शामिल हैं। सैफ-अमन लोहरदगा के रहने वाले हैं, जबकि सायम सुजान का घर रांची के कर्बला चौक के पास है। पुलिस के अनुसार, घटना को अंजाम देने के बाद सैफ और अमन झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से दिल्ली भाग रहे थे। टेक्निकल टीम की मदद से दोनों को बुधवार रात करीब 10 बजे कोडरमा जिले के गझंडी स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर तीसरे आरोपी सायम सुजान को कर्बला चौक के पास से पकड़ा गया। गुरुवार को गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के लिए एनआईए की टीम सुबह कोतवाली थाना पहुंची। इसी दौरान सुबह करीब 11.30 बजे सैफ अंसारी ने शौचालय जाने की बात कही। मौका मिलते ही वह खिड़की के रास्ते फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी शुरू की और दोपहर करीब 2.20 बजे उसे मांडर टोल प्लाजा के पास पकड़ लिया। इसके बाद पूछताछ के लिए चामा पिकेट ले जाते समय लुकइया ढोढ़हा के समीप उसने चान्हो थाना प्रभारी टिंकू रजक की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें सैफ के पैर में गोली लगी। घायल सैफ को इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार सैफ व अमन आईएसआई और टीटीएच से संपर्क में था। 50 हजार में तय हुआ था सौदा, वीडियो भेजने के बाद पैसे देने की हुई थी डील जांच एजेंसियों के समक्ष सैफ अंसारी ने बताया कि वह कुछ महीने पहले काम के सिलसिले में दुबई गया था। वहां उसकी मुलाकात टीटीएच के सदस्य राणा हुसैन और शाहबाज आलम उर्फ भट्ठी से हुई। सैफ के मुताबिक, संगठन से जुड़ने के बाद उसे बम बनाने और हमला करने का प्रशिक्षण दिया गया। -शेष पेज 7 पर दुबई में बैठे टीटीएच के सदस्य राणा हुसैन और शाहबाज ने दिया था टास्क आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की साजिश दुबई में बैठे टीटीएच के सदस्य राणा हुसैन और शाहबाज आलम उर्फ भट्ठी ने रची थी। दोनों के निर्देश पर स्थानीय हैंडलर सैफ अपने सहयोगियों के साथ आरएसएस कार्यालय के पास पहुंचा था। हमला करने के बाद सैफ और अमन दिल्ली भागने की कोशिश कर रहे थे। खुलासा… झारखंड में दहशत फैलाना था उद्देश्य एनआईए अधिकारियों की पूछताछ में सैफ और अमन के आतंकी संगठन आईएसआई व टीटीएच (तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान) से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। उनके मोबाइल से आतंकी संगठन से जुड़े होने के साक्ष्य मिले हैं। यह भी जानकारी मिली है कि दोनों ने संगठन के इशारे पर रांची समेत पूरे झारखंड में दहशत फैलाने के उद्देश्य से आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका था। सायम सुजान उनकी मदद कर रहा था। आरोपियों ने पुलिस और एनआईए को कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी हैं।
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