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साल में केवल दो महीने मिलता है बड़हर, कच्चा हो तो बने...


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Koderma Badhar Tree: बड़हर का फल आमतौर पर केवल 2 महीने ही मिलता है और इसे पसंद करने वाले इस समय का बेसब्री से इंतजार करते हैं. कच्चा होने पर इसकी सब्जी, अचार बनता है और पकने पर यह ऐसे ही नमक डालकर खाया जाता है. कोडरमा में इन दिनों अड्डी बांग्ला रोड पर एक पेड़ में जमकर बड़हर लदा है जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना है.

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कोडरमा. जिले के ग्रामीण इलाकों में प्राकृतिक रूप से उगने वाला बड़हर का पेड़ इन दिनों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. आमतौर पर यह पेड़ गांवों के बगीचों, जंगलों और खेतों की मेड़ों पर देखने को मिलता है. मई-जून के महीने में इस पेड़ में फल लगने शुरू हो जाते हैं और अब कोडरमा के अड्डी बांग्ला रोड पर स्थित एक बड़हर का पेड़ कच्चे और पके फलों से लदा हुआ है. इसकी अनोखी बनावट और रंग लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. इसका स्वाद भी लाजवाब होता है.

कच्चे फल से सब्जी और अचार, पके फल का खट्टा-मीठा स्वाद
पेड़ की देखभाल करने वाली सपना कुमारी बताती हैं कि बड़हर का फल कई तरह से उपयोग किया जाता है. जब फल कच्चा होता है, तो उसकी स्वादिष्ट सब्जी बनाई जाती है. जबकि इसका अचार भी काफी पसंद किया जाता है. अचार बनाने की विधि लगभग आम के अचार जैसी ही होती है, जिसमें सरसों का तेल और विभिन्न मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, जब यह फल पूरी तरह पक जाता है, तो लोग इसे सीधे फल के रूप में खाते हैं. इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है.

कटहल की सब्जी जैसा मिलता है स्वाद
उन्होंने बताया कि बड़हर की सब्जी का स्वाद काफी हद तक कटहल की सब्जी से मिलता-जुलता है. बड़हर का फल केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि पोषण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. इसमें आयरन और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मददगार होते हैं. इसके अलावा यह पाचन तंत्र और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है.

कम स्थान पर देखने को मिलते हैं बड़हर के पेड़
उन्होंने बताया कि बड़हर का फल मुख्य रूप से गोल या थोड़ा बेडौल आकार का होता है. कच्ची अवस्था में इसका रंग गहरा हरा होता है. जबकि पकने पर यह पीले या सुनहरे रंग का दिखाई देता है. इसके आकर्षक रंग और अनोखे स्वाद के कारण यह ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है. कोडरमा में अब बड़हर के पेड़ बहुत कम स्थानों पर देखने को मिलते हैं.

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Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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