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Yardlong bean cultivation in Bokaro: कम जमीन और सीमित संसाधनों के बावजूद आज के किसान आधुनिक और स्मार्ट खेती के जरिए बेहतर कमाई कर रहे हैं. इसका बेहतरीन उदाहरण हैं बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के पुरनी बगयारी गांव के भरत महतो. जिन्होंने मात्र 50 डिसमिल कि जमीन में मचान विधि से बरबटी की खेती कर तीन गुना अधिक आमदनी हासिल की है.
खास बातचीत में किसान भरत महतो ने बताया कि वह इससे पहले मुख्य रूप से धान की खेती किया करते थे, लेकिन धान की खेती में सीमित मुनाफा होने के कारण उन्होंने सब्जियों की आधुनिक खेती करने का फैसला लिया और गांव के अन्य प्रगतिशील किसानों और यूट्यूब पर उपलब्ध आधुनिक खेती के वीडियो से प्रेरणा लेकर सब्जी की खेती शुरू की, जिससे उन्हें आज बेहतर आर्थिक लाभ मिल रहा है.
आगे उन्होंने बताया कि मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में बरबटी की बुवाई की गई थी. यह फसल लगभग 50 से 60 दिनों के भीतर तैयार हो जाती है और बरबटी की खासियत यह है कि एक बार फसल तैयार होने के बाद कई महीनों तक लगातार तुड़ाई कर बाजार में बिक्री की जा सकती है, जिससे किसानों को नियमित आमदनी मिलता है.
वहीं, 50 डिसमिल क्षेत्र में बरबटी की खेती करने में करीब 30 हजार रुपये की लागत आती है. उचित देखभाल और प्रबंधन के जरिए इससे आराम से 30 से 35 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है.
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वर्तमान में कसमार बाजार में बरबटी की औसत कीमत लगभग 35 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम है. इस हिसाब से 35 क्विंटल उत्पादन होने पर लगभग 1 लाख 22 हजार 500 रुपये तक की आमदनी कमा सकते हैं जो लागत का तीन गुना है.
हालांकि बरबटी की खेती में कुछ चुनौतियां भी हैं. किसान भरत बताते हैं कि फसल में पत्तों पर कीट लगने की समस्या आमतौर पर देखने को मिलती है. ऐसे में समय पर कीटनाशकों और जैविक घोल का उपयोग कर फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है.