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पेंशन-मंईयां योजना के लाभुकों को तीन माह से नहीं मिली राशि




भास्कर न्यूज| गुमला जिले में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभुकों को तीन माह से राशि नहीं मिली है। लाभुकों का सत्यापन होना था, जो 30 मई को पूरा हो गया। लेकिन स्क्रूटनी और एंट्री नहीं होने के कारण 1.75 लाख से अधिक लाभुकों को पिछले तीन माह से राशि का भुगतान नहीं हुआ है। दोनों योजनाओं की कुल बकाया राशि 121 करोड़ 96 लाख रुपए से अधिक हो गई है। बड़ी संख्या में लाभुक सत्यापन पूरा होने के बावजूद अब तक राशि नहीं मिलने से परेशान हैं। वे बैंक से लेकर सरकारी कार्यालयों तक के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सबसे अधिक प्रभावित मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुक हैं। जिले में इस योजना के करीब 1.54 लाख लाभुकों का लगभग 115 करोड़ 50 लाख रुपए बकाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इस सहायता राशि पर निर्भर हैं। लगातार तीन माह से भुगतान नहीं होने के कारण लाभुकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई महिलाओं का कहना है कि घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक खर्चों के लिए यह राशि महत्वपूर्ण सहारा होती है। भुगतान में हो रही देरी से आर्थिक संकट गहरा गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जिले के 21,547 से अधिक वृद्ध, विधवा, दिव्यांग लाभुकों को पिछले तीन माह से पेंशन नहीं मिली है। इससे बकाया राशि बढ़कर 6 करोड़ 46 लाख 41 हजार रुपए से अधिक पहुंच गई है। केंद्र सरकार की पेंशन योजनाओं के 21 हजार से अधिक लाभुक भी राशि से वंचित हैं। राज्य सरकार के अधीनस्थ लाभुकों को जून 2026 तक का भुगतान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभुकों का भौतिक सत्यापन 30 मई तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। प्रारंभिक तौर पर सत्यापन की अंतिम तिथि 20 मई तय की गई थी। कार्य पूरा नहीं होने के कारण इसे 10 दिन बढ़ाकर 30 मई कर दिया गया था। सत्यापन की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी सेविकाओं, नगर निगम क्षेत्र में वार्ड पार्षदों, ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिवों सहित अन्य कर्मियों को दी गई थी। उन्होंने सत्यापन संबंधी दस्तावेज प्रखंड कार्यालयों में जमा कर दिए हैं। फिलहाल इन दस्तावेजों की स्क्रूटनी की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच में सही पाए जाने वाले लाभुकों की ऑनलाइन प्रविष्टि पूरी होने के बाद ही भुगतान प्रक्रिया शुरू की जाएगी।लाभुकों का कहना है कि पेंशन ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में लगातार तीन माह तक भुगतान नहीं होने से दवा, भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।



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