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बीच में छोड़ना पड़ा था MBA, फिर शुरू किया शहद का काम,...


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Ranchi Siraj Honey Business Success Story: रांची के मोहम्मद सिराज को कुछ कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी पिता के संबल देने पर उन्होंने शहद का काम शुरू किया. आज डाबर और पतंजलि जैसी कंपनियां उनकी ग्राहक हैं और उनका खुद का भी ब्रांड है. कभी 20 हजार की नौकरी के लिए परेशान हो रहे सिराज का सालाना टर्नओवर अब 15 लाख पहुंच गया है.

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रांची. झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले मोहम्मद सिराज मधुमक्खी पालन का काम करते हैं. वे लगभग 2000 बॉक्स के साथ यह काम करते हैं. उन्होंने बताया कि जितना भी शहद निकलता है, उसमें से 60-70% सीधा पतंजलि और डाबर जैसी कंपनी बल्क में ले जाती हैं और जो बाकी बचता है, उसे वे अपना ब्रांड बनाकर बेचने का काम करते हैं.

मोहम्मद बताते हैं कि हनी की पहले से ही एडवांस बुकिंग हो जाती है. कई बार तो हमें अपने ब्रांड के लिए भी नहीं बच पाता. हमारा अपना ब्रांड है छोटा नागपुर ज्वेल हनी. यह भी आउट ऑफ स्टॉक हो जाता है. क्योंकि, बड़ी कंपनियां पहले से ही बुकिंग देकर रखती हैं. किसी कंपनी को एक टन चाहिए, तो किसी को दो टन चाहिए.

इतना आसान नहीं था यहां तक आना
सिराज बताते हैं कि यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था. घर के हालात ऐसे थे कि बीच में ही एमबीए की पढ़ाई छोड़ दी. बेंगलुरु में पढ़ाई कर रहा था. इसमें मुझे बीच में ही घर आना पड़ा. बीच में डेंगू भी हुआ, तबीयत भी एकदम ढीली हो गई. मुझे लगा कि शायद अब करियर खत्म है. लेकिन पिताजी का कहना था कि शहद के बिजनेस में काफी प्रॉफिट है और तुम इसे अपना बॉस बनकर कर सकते हो.

अलग-अलग जगह जाकर करते हैं इसकी खेती
हम लोग अलग-अलग जगह जाकर इसकी खेती करते हैं. जैसे अगर हमें लीची फ्लेवर चाहिए, तो हमें मुजफ्फरपुर जाना पड़ता है और वहां पर अपने बॉक्स लगाते हैं. अगर हमें करंज फ्लेवर चाहिए, तो हम रांची के खूंटी के जंगल में जाते हैं. वहां पर करंज के कई पेड़ हैं. वहीं, अगर जामुन फ्लेवर चाहिए, तो हम लोग हजारीबाग, सिमडेगा जैसी जगहों पर जाते हैं. इस तरीके से अलग-अलग जगह जाकर सीजन के हिसाब से हनी कलेक्ट करने का काम करते हैं.

कभी 20,000 की नौकरी का सपना देखा था
मोहम्मद बताते हैं, कभी सोचा था कि घर चलाने के लिए 20,000 की नौकरी लग जाए, तो बहुत बड़ी बात हो जाएगी. लेकिन, आज सालाना 15 लाख के ऊपर हमारा टर्नओवर जाता है. आज खुद का बॉस हूं और अपने साथ 20 लोगों को रोजगार भी देता हूं. यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात होती है.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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