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who is chandana bauri: बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान आप सबने एक नाम जरूर सुना होगा- चंदना बाउरी. ये वही चंदना बाउरी हैं जो पहले मजदूरी करती थीं, फिर बीजेपी के टिकट पर विधायक बनीं जो इस बार फिर चर्चा में हैं. जानें पूरी कहानी.
विधायक होकर भी नहीं बदला स्वभाव, साल्टोरा की चंदना बाउरी ने अस्पताल में कचरा साफ कर पेश की मिसाल, लोग बोले ऐसी नेता बार-बार नहीं.
who is chandana bauri after 2 time bjp mla saltora bankura: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चंदना बाउरी एक ऐसा नाम है. जो पिछले दस सालों से सभी के जुबान पर है. जिसे लोग प्रेरणा के तौर पर देखते हैं. कभी दूसरों के घरों में मजदूरी करने वाली चंदना ने जब चुनाव जीता तो पूरे देश की निगाहें उन पर टिक गईं. 2021 में पहली बार विधायक बनने के बाद 2026 में दूसरी बार जीत हासिल कर उन्होंने फिर साबित किया कि जनता का उन पर भरोसा अटूट है. हाल ही में मेजिया अस्पताल में सफाई करते हुए उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर छा गई हैं, जो उनकी सादगी की कहानी बयां करती हैं. तो आइए जानते हैं कौन हैं चंदना बाऊरी? जिनकी हो रही जमकर चर्चा.
संघर्ष से भरी है कहानी
चंदना बाउरी का राजनीतिक करियर आम नेताओं से बिल्कुल अलग है. विधायक बनने से पहले वह और उनके पति श्रवण बाउरी बेहद साधारण जीवन जीते थे. उनके पति राजमिस्त्री का काम करते थे और चंदना खुद मजदूरी और डिलीवरी का काम करती थीं. जब बीजेपी ने उन्हें साल्टोरा विधानसभा सीट से टिकट दिया तो बहुतों को यकीन नहीं था कि एक मजदूर महिला चुनाव जीत पाएगी. लेकिन उन्होंने न केवल चुनाव जीता, बल्कि अपनी मेहनत से आज दूसरी बार भी उसी सीट का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.
अस्पताल में खुद संभाली कमान
सत्ता का अहंकार नहीं, सेवा का भाव
चंदना का मानना है कि जनप्रतिनिधि होने का मतलब केवल आदेश देना नहीं, बल्कि सेवा करना है. उनके इस कार्य ने यह साबित कर दिया है कि सत्ता का पद इंसान को बदल नहीं सकता, अगर उसकी नीयत साफ हो. सफाई अभियान के दौरान उन्होंने लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वच्छता हर नागरिक का कर्तव्य है. उन्होंने न केवल अपने क्षेत्र के लोगों का दिल जीता है, बल्कि राजनीति में सादगी और मेहनत का एक नया मानक भी स्थापित किया है.
जमीन से जुड़ी नेता की पहचान
आज चंदना बाउरी की तस्वीरें इस बात की गवाह हैं कि सफलता मिलने के बाद भी इंसान अपनी जड़ों को नहीं भूलता. जिस तरह वह कभी मजदूरी कर अपना घर चलाती थीं, आज उसी मेहनत से वह अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को सुलझा रही हैं. उनकी यह कार्यशैली न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक सबक है जो राजनीति में आकर खुद को जनता से ऊपर समझने लगते हैं. साल्टोरा की जनता के लिए चंदना बाउरी एक ऐसी नेता हैं जो उनके बीच की ही हैं.