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बोकारो एसपी कार्यालय से 11 करोड़ और हजारीबाग एसपी कार्यालय से 31 करोड़ रुपए की सरकारी राशि की अवैध निकासी मामले में सीआईडी की एसआईटी ने करीब 800 संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कराया है। सीआईडी ने हजारीबाग के लोहसिंघना थाना में दर्ज कांड संख्या 32/26 और बोकारो के बीएस सिटी थाना में दर्ज कांड संख्या 62/26 को 24 अप्रैल को टेकओवर कर सीआईडी थाना में मामला दर्ज किया था। इसके बाद से एसआईटी मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान एसआईटी को बोकारो में 600 और हजारीबाग में 250 संदिग्ध खातों की जानकारी मिली। अनुसंधान में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सरकारी खजाने से निकाली गई राशि को पकड़ में आने से बचाने के लिए उसे छह अलग-अलग स्तरों (लेयर) में ट्रांसफर किया गया था। जुलाई के पहले सप्ताह में दाखिल होगी चार्जशीट
सीआईडी हजारीबाग और बोकारो एसपी कार्यालय से सरकारी राशि की अवैध निकासी मामले में जुलाई के पहले सप्ताह में चार्जशीट दाखिल करेगी। हजारीबाग का मामला 8 अप्रैल और बोकारो का मामला 7 अप्रैल को दर्ज हुआ था। आरोपियों की गिरफ्तारी भी उसी अवधि में हुई थी। ऐसे में जुलाई के पहले सप्ताह में 90 दिन की अवधि पूरी हो जाएगी। चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिलने की संभावना बढ़ जाती है। सरकार से कागजात नहीं मिले; पीएजी अब खुद जुटाएगा रिकॉर्ड, बनाई 2 टीम
ट्रेजरी घोटाले का स्पेशल ऑडिट कराने का फैसला राज्य सरकार ने दो माह पहले, 17 अप्रैल को लिया था। इसकी सूचना प्रधान महालेखाकार (पीएजी) को भी दे दी गई थी। इसके बाद प्रधान महालेखाकार ने गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव से ऑडिट के लिए जरूरी 87 संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। हालांकि, दो माह बीतने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। दस्तावेज नहीं मिलने के कारण अब पीएजी कार्यालय खुद ही कागजात जुटाएगा। इसके लिए बोकारो और हजारीबाग के लिए दो अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। आवश्यक दस्तावेज जुटने के बाद ऑडिट टीम जांच शुरू करेगी। -शेष पेज 11 पर जुलाई के पहले सप्ताह में दाखिल होगी चार्जशीट खजाने से निकाली गई राशि को पकड़ में आने से बचाने के लिए उसे छह अलग-अलग स्तरों (लेयर) में ट्रांसफर किया गया था। -शेष पेज 11 पर सीआईडी हजारीबाग और बोकारो एसपी कार्यालय से सरकारी राशि की अवैध निकासी मामले में जुलाई के पहले सप्ताह में चार्जशीट दाखिल करेगी। हजारीबाग का मामला 8 अप्रैल और बोकारो का मामला 7 अप्रैल को दर्ज हुआ था। आरोपियों की गिरफ्तारी भी उसी अवधि में हुई थी। ऐसे में जुलाई के पहले सप्ताह में 90 दिन की अवधि पूरी हो जाएगी। चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
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