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Nirav Modi News: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को तगड़ा झटका लगा है. लंदन हाईकोर्ट के जज ने मंगलवार को बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है.
नीरव मोदी बैंक फ्रॉड केस में आरोपी है.
लंदन: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को तगड़ा झटका लगा है. लंदन हाईकोर्ट के जज ने मंगलवार को बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है. लंदन हाईकोर्ट में बैंक ऑफ इंडिया ने नीरव मोदी के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का केस जीत लिया है. अदालत ने माना कि भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी पर पब्लिक सेक्टर बैंक का 10.7 मिलियन डॉलर (100 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक) बकाया है.
टीओआई की खबर के मुताबिक, लंदन हाईकोर्ट के जज साइमन टिंकलर ने मंगलवार को लंदन सर्किट कमर्शियल कोर्ट में फैसला सुनाते हुए कहा, ‘मिस्टर नीरव मोदी बैंक को दी गई पर्सनल गारंटी के तहत 4.1 मिलियन डॉलर (लगभग 38.9 करोड़ रुपये) की मूल राशि चुकाने के लिए जिम्मेदार है. इसमें बैंक द्वारा तय किए गए आधार पर कैलकुलेट किया गया ब्याज भी जोड़ा जाएगा. मिस्टर नीरव मोदी ने ऐसा कोई बचाव पेश नहीं किया जिससे यह पता चले कि बैंक उस रकम का हकदार क्यों नहीं था.’
गौरतलब है कि नीरव मोदी अभी भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ लंदन की जेल में लड़ाई लड़ रहा है. नीरव मोदी ने सुनवाई के दौरान तर्क दिया था कि गारंटी लागू करने लायक नहीं थी. उसे बैंक से कभी कोई वैध मांग नहीं मिली और लोन रद्द करने के लिए कोई ठोस बुरा असर नहीं पड़ा था.
दरअसल, बैंक ऑफ इंडिया ने जुलाई 2012 में दुबई में नीरव की कंपनियों में से एक फायरस्टार डायमंड FZE को कुछ पैसे उधार दिए थे. तब नीरव ने 3 अगस्त 2013 को इसके लिए पर्सनल गारंटी दी थी. 2018 की शुरुआत में जब पंजाब नेशनल बैंक के साथ नीरव मोदी की कथित धोखाधड़ी की खबर फैली तो बैंक ऑफ इंडिया ने लोन वापस मांगने का फैसला किया. मार्च और अप्रैल 2018 में फायरस्टार और नीरव को भेजी गई मांगों का कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद 8 मार्च 2024 को बैंक ऑफ इंडिया ने 4.1 मिलियन डॉलर की मूल राशि और ब्याज के लिए समरी जजमेंट हासिल किया. बैंक ने अक्टूबर 2025 में नीरव को एक और मांग पत्र भेजा.