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मानसून में प्लान कर रहे हैं रोड ट्रिप, तो करें बेतला से...


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Palamu Monsoon Travel: झारखंड में मानसून की एंट्री हो चुकी है. ऐसे में लॉन्ग ड्राइव का प्लान बना रहे हैं तो पलामू टाइगर रिजर्व का बेतला से महुआडांड़ मार्ग बढ़िया ऑप्शन हो सकता है. घने जंगल, झरनों और वन्यजीवों के साथ यह सफर रोमांचक जंगल सफारी जैसा मजा देगा.

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पलामू. झारखंड में मानसून की एंट्री हो चुकी है. वहीं प्राकृतिक जलाशयों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो रही है. मानसून आने के बाद प्रकृति का नया रूप देखने को मिलता है. मानसून की दस्तक के साथ ही पलामू टाइगर रिजर्व का विशाल जंगल क्षेत्र हरियाली की चादर ओढ़ लेता है. खासकर बेतला से महुआडांड़ तक का सड़क मार्ग मानसून के दिनों में ऐसा नजारा पेश करता है, जिसे देखकर पर्यटक खुद को किसी रोमांचक जंगल सफारी में महसूस करने लगते हैं. घने जंगलों, पहाड़ियों, झरनों और वन्यजीवों से भरपूर यह रास्ता प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है.

हरियाली से भर उठता है जंगल
मानसून आने के बाद बारिश की पहली फुहार के साथ ही सूखे पेड़-पौधों में नई जान आ जाती है. सड़क के दोनों ओर दूर-दूर तक फैले साल, सखुआ, महुआ और बांस के जंगल गहरे हरे रंग में रंग जाते हैं. पहाड़ियों पर फैली हरियाली और बादलों का आना-जाना इस मार्ग की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देता है. कई स्थानों पर ऐसा लगता है, मानो सड़क सीधे जंगल के बीचों-बीच होकर गुजर रही हो.

वन्यजीवों का भी होता है दीदार
मानसून के दौरान जंगल के अंदर पानी और भोजन की उपलब्धता बढ़ने से वन्यजीव अधिक सक्रिय नजर आते हैं. सफर के दौरान कई बार हिरण, सांभर, मोर, जंगली खरगोश और विभिन्न प्रजातियों के पक्षी सड़क किनारे दिखाई दे जाते हैं. वहीं सुबह और शाम के समय जंगल की प्राकृतिक गतिविधियां देखने लायक होती हैं. पक्षियों की मधुर आवाजें पूरे वातावरण को जीवंत बना देती हैं.

झरने और पहाड़ियां बढ़ाते हैं आकर्षण
अगर आप बेतला से महुआडांड़ तक का सफर करते हैं, तो यह इलाका अपनी प्राकृतिक संरचना से आपको एडवेंचर जैसा अहसास कराता है. बरसात में छोटी-बड़ी पहाड़ियों से बहने वाली जलधाराएं और मौसमी झरने यात्रियों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं. वहीं रास्ते में कई ऐसे दृश्य दिखाई देते हैं, जहां बादल पहाड़ियों को स्पर्श करते नजर आते हैं. यह नजारा पर्यटकों के लिए कैमरे में कैद करने लायक बन जाता है.

रोमांच और सुकून का अनूठा संगम
बता दें कि इस मार्ग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां सफर के दौरान एक साथ रोमांच और सुकून दोनों का अनुभव होता है. जंगल की ताजी हवा, मिट्टी की सौंधी खुशबू और चारों ओर फैली प्राकृतिक सुंदरता यात्रियों को शहर की भागदौड़ से दूर एक अलग दुनिया में ले जाती है. यही वजह है कि मानसून के दिनों में बेतला से महुआडांड़ तक का सफर किसी जंगल सफारी से कम नहीं लगता.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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