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पीएम मोदी ने बुधवार को 52वीं प्रगति मीटिंग की अध्यक्षता की. इस मीटिंग में 30 हजार करोड़ रुपए के चार बड़े प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई. ये प्रोजेक्ट्स सड़क, बिजली, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और मेट्रो रेल से जुड़े हैं. पीएम ने इन प्रोजेक्ट्स को तय समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही उन्होंने साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों पर भी सख्त चिंता जताई है.
पीएम मोदी ने की 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा. (फाइल फोटो : पीटीआई)
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को प्रगति मीटिंग की अध्यक्षता की. यह इस मंच की 52वीं मीटिंग थी. इसमें पीएम ने चार बड़े प्रोजेक्ट्स का रिव्यू किया. इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत लगभग 30 हजार करोड़ रुपए है. ये प्रोजेक्ट्स देश के चार राज्यों में चल रहे हैं. मीटिंग में सड़क, बिजली, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और मेट्रो रेल जैसे अहम सेक्टर्स पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने साफ कहा कि प्रोजेक्ट्स में देरी से लागत बढ़ती है. इससे आम लोगों और इंडस्ट्रीज को समय पर फायदा नहीं मिल पाता. इसलिए संबंधित मंत्रालयों को मिशन मोड में काम करना चाहिए. सरकार का पूरा फोकस इन प्रोजेक्ट्स को जल्द से जल्द पूरा करने पर है. पीएम ने पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के इस्तेमाल पर भी जोर दिया. उन्होंने पोर्टल पर हर अपडेट को समय पर दर्ज करने को कहा. इससे जमीनी हकीकत का पता चलेगा और काम में तेजी आएगी.
पीएम गतिशक्ति प्लान से प्रोजेक्ट्स में कैसे आएगी तेजी?
पीएम मोदी ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सही प्लानिंग पर जोर दिया. इसके लिए पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान को अहम बताया गया है. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स की हर डिटेल और अप्रूवल को पोर्टल पर अपडेट करना जरूरी है. इस पोर्टल पर एकदम लेटेस्ट जानकारी होनी चाहिए. इससे प्रोजेक्ट में आने वाली किसी भी रुकावट का पहले ही पता चल जाएगा. साथ ही अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल भी बेहतर होगा. रीयल टाइम डेटा के आधार पर सही समय पर फैसले लिए जा सकेंगे. इससे 30 हजार करोड़ के ये प्रोजेक्ट्स बिना किसी बाधा के पूरे हो सकेंगे.
टीबी मुक्त भारत अभियान में डिजिटल तकनीक का क्या है रोल?
प्रगति मीटिंग में टीबी मुक्त भारत अभियान का भी रिव्यू किया गया. पीएम मोदी ने इस अभियान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल पर जोर दिया. नई डिजिटल तकनीकों से मरीजों का सही डेटा मेंटेन करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा जागरूकता फैलाने और मरीजों के फॉलो-अप के लिए खास निर्देश दिए गए. पीएम ने सुझाव दिया कि एनसीसी कैडेट्स और ‘माय भारत’ वॉलंटियर्स की एक टीम बनाई जाए. यह टीम कम्युनिटी लेवल पर लोगों को जागरूक करने का काम करेगी. इससे टीबी को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सकेगा.
साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट पर पीएम ने क्या निर्देश दिए?
आज के समय में साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट के मामले काफी बढ़ गए हैं. पीएम मोदी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के इस गलत इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि मासूम नागरिकों को ठगने वाले मामलों का तेजी से निपटारा होना चाहिए. सभी एजेंसियों को संवेदनशील होकर तय समय में एक्शन लेना होगा. आम लोगों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए परेशान नहीं होना चाहिए. उन्हें एक एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर काटने से बचाना होगा. इसके लिए पुलिस, बैंक और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बीच बेहतर तालमेल बहुत जरूरी है.
ई-जीरो एफआईआर सिस्टम से साइबर ठगों पर कैसे लगेगा लगाम?
साइबर फ्रॉड के मामलों में लोगों के पैसे बचाने के लिए तुरंत एक्शन लेना जरूरी है. पीएम मोदी ने साफ किया कि लोगों का भरोसा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है. इसलिए प्रिवेंशन, रिपोर्टिंग और इन्वेस्टिगेशन सिस्टम को और भी मजबूत करना होगा. उन्होंने राज्यों से ई-जीरो एफआईआर सिस्टम लागू करने की अपील की. इस सिस्टम से साइबर क्राइम की शिकायत तुरंत दर्ज हो सकेगी. इससे पुलिस को भी तुरंत एक्शन लेने में मदद मिलेगी. सही समय पर शिकायत दर्ज होने से साइबर ठगों के मंसूबों को नाकाम किया जा सकेगा.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) की गिनती हिंदी डिजिटल मीडिया के तेजी से उभरते चेहरों में होती है. वह News18हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज़ एडिटर की भूमिका में जुड़े हैं. प्रिंट से डिजिटल का रुख करने वाले दीपक के पास पत्र…और पढ़ें