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Jamshedpur Amrit Dream Garden With Foreign Fruits: जमशेदपुर में जहां अधिकांश लोग पारंपरिक खेती और बागवानी करते हैं, वहीं शहर के होनहार किसान अमृत इक्का ने अपने घर परिसर में ऐसा ड्रीम गार्डन तैयार किया है, जिसकी चर्चा अब दूर-दूर तक हो रही है. उनके इस अनोखे बागान में देश-विदेश के दर्जनों दुर्लभ और महंगे फल देखने को मिलते हैं. खास बात यह है कि हर पौधे की देखभाल अलग तरीके से की जाती है और इसके लिए अमृत इक्का अपना अधिकांश समय बगीचे में ही बिताते हैं.
अमृत इक्का बताते हैं कि खेती तो हर कोई करता है, लेकिन जो कुछ नया और अलग करने की सोच रखता है, उसकी पहचान अलग बनती है. इसी सोच के साथ उन्होंने कई वर्षों की मेहनत और खोज के बाद अपने गार्डन में विदेशी और दुर्लभ फलों के पौधे लगाए. आज उनके बगीचे में करीब 30 से 35 विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधे मौजूद हैं, जो अपनी खासियत और स्वाद के लिए जाने जाते हैं.
उनके गार्डन का सबसे बड़ा आकर्षण जापान का प्रसिद्ध मियाजाकी आम है, जिसे दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. इसके अलावा व्हाइट डायमंड ग्वावा, ब्लैक डायमंड ग्वावा, ब्रुनेई किंग आम, हिमाचली सेव, एप्पल मैंगो, बनाना मैंगो, भगवान अनार, अरुणिका आम, आम्रपाली आम और एवोकाडो जैसे कई दुर्लभ फल भी यहां मौजूद हैं.
सिर्फ आम और अमरूद ही नहीं, बल्कि उनके बगीचे में चीन की लीची, वियतनाम माल्टा संतरा, संपूर्ण नारियल, कागजी नींबू, आंवला और केजितेन जामुन जैसे पौधे भी लगे हुए हैं. केजितेन जामुन की खासियत यह है कि इसका एक फल सामान्य जामुन की तुलना में कई गुना बड़ा होता है और इसका वजन लगभग 100 ग्राम तक पहुंच सकता है. वहीं, ब्रुनेई किंग आम का एक फल करीब 2 किलो तक वजन का हो सकता है, जो लोगों को काफी आकर्षित करता है.
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अमृत इक्का का कहना है कि हर पौधे की जरूरत अलग होती है. किसी को अधिक धूप चाहिए तो किसी को कम पानी, इसलिए इनकी देखभाल में विशेष ध्यान देना पड़ता है. वे सुबह से लेकर शाम तक अपने गार्डन में समय बिताते हैं और हर पौधे की नियमित निगरानी करते हैं. उनका मानना है कि पौधों को सिर्फ पानी और खाद ही नहीं, बल्कि प्यार और समर्पण की भी जरूरत होती है.
आज उनका यह ड्रीम गार्डन न केवल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है, बल्कि यह उन युवाओं और किसानों के लिए भी प्रेरणा है, जो पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर कुछ नया करने का सपना देखते हैं. अमृत इक्का ने साबित कर दिया है कि जुनून, मेहनत और नए प्रयोग के बल पर घर के एक छोटे से बगीचे को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा सकती है.