प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो गए. 27 से 29 जून तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में शामिल होंगे. प्रधानमंत्री यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स रवाना होने से पहले जारी बयान में कहा कि सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की ग्लोबल साउथ के प्रति साझा प्रतिबद्धता उनके संबंधों को और मजबूत बनाती है.
राजनयिक रिश्तों के 50 साल, रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत और सेशेल्स अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष भी मना रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध पारस्परिक विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के बीच गहरे रिश्तों पर आधारित हैं. उन्होंने फरवरी 2026 में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि अब दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाई देने का अवसर है.
सेशेल्स की संसद को संबोधित करने वाले पहले पीएम
इस यात्रा की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे. उन्होंने इसे दोनों लोकतंत्रों और संसदीय परंपराओं के बीच मजबूत रिश्तों का प्रतीक बताया. इसके अलावा प्रधानमंत्री सेशेल्स में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे, जिन्होंने वर्षों से दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु की भूमिका निभाई है.
समुद्री सुरक्षा से लेकर ब्लू इकोनॉमी तक होगी चर्चा
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सेशेल्स यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे. दोनों नेताओं के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, डिजिटल गवर्नेंस, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी विचार करेंगे.
डिजिटल इंडिया मॉडल में भी बढ़ेगा सहयोग
भारत और सेशेल्स डिजिटल क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं. फरवरी में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), डिजिटल पेमेंट सिस्टम और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में साथ काम करने पर सहमति जताई थी. भारत सेशेल्स की जरूरतों के अनुरूप डिजिटल ढांचा विकसित करने में मदद करेगा.
AI, साइबर सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी पर नए समझौते संभव
सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित राठीश के अनुसार, प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, साइबर स्पेस, समुद्री विज्ञान, समुद्री संरक्षण और ब्लू इकोनॉमी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा.
हिंद महासागर में भारत की रणनीति के लिए अहम दौरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है. ‘विजन महासागर’ के तहत भारत समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय विकास और साझेदार देशों की क्षमता निर्माण पर लगातार जोर दे रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है. (एजेंसी इनपुट के साथ)