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रांची की पूनम और गौरी ने अपनी नौकरियां छोड़कर ‘ऑर्गेनिक अफेयर’ कंपनी शुरू की. दोनों बहनों ने अपनी पॉकेट मनी से जड़ी-बूटियों और शुद्ध मसालों का काम शुरू किया. आज इनका सालाना टर्नओवर करोड़ों रुपये में पहुंच चुका है. इस स्टार्टअप के जरिए वे 100 से अधिक महिलाओं को रोजगार दे रही हैं.
रांचीः कुछ बड़ा करने के लिए बड़ा रिस्क लेना पड़ता है, इस बात को सच कर दिखाया है रांची की दो बहनों पूनम और गौरी ने. दोनों बहनें पहले साधारण नौकरी करती थीं, जिनमें से एक शिक्षिका थीं और दूसरी प्राइवेट जॉब में थीं. लेकिन अपने सपनों को उड़ान देने के लिए दोनों ने अपनी सुरक्षित नौकरियां छोड़ दीं और ‘ऑर्गेनिक अफेयर’ नाम से एक स्टार्टअप की शुरुआत की. आज यह कंपनी जड़ी-बूटियों, औषधीय उत्पादों और शुद्ध मसालों का पाउडर बनाकर बाजार में बेचती है और इसका टर्नओवर करोड़ों में पहुंच चुका है.
पॉकेट मनी और बेहद कम पूंजी से शुरू किया सफर
गौरी बताती हैं कि दोनों बहनों ने मिलकर अपनी पॉकेट मनी और बची हुई पूंजी को मिलाकर इस सफर की शुरुआत की थी. उनके लिए यह रिस्क लेना आसान नहीं था, क्योंकि उनके पास आजीविका के लिए वही एकमात्र नौकरी थी. शुरुआत से पहले दोनों ने बाजार पर रिसर्च किया और पाया कि मसालों की मांग सालों भर और हर दिन रहती है. इसके अलावा अश्वगंधा, आंवला, रीठा, शिकाकाई, त्रिफला जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के शुद्ध पाउडर की भी मार्केट में काफी मांग है. इसी को आधार बनाकर उन्होंने कदम आगे बढ़ाए.
100% शुद्धता बनी सबसे बड़ी ताकत
पूनम के मुताबिक बाजार में मिलने वाले प्रोडक्ट्स की प्रामाणिकता पर अक्सर सवाल उठते हैं. लोग सोचते हैं कि क्या आंवला पाउडर असली है या इसमें कुछ मिलाया गया है? दोनों बहनों ने ग्राहकों के इसी संशय को दूर करने पर ध्यान केंद्रित कियाय ‘ऑर्गेनिक अफेयर’ ने शुद्धता को ही अपनी सबसे बड़ी यूएसपी बनाया. जब ग्राहकों को 100% शुद्ध उत्पाद और बेहतरीन रिजल्ट मिलने लगे, तो वे उनके स्थायी खरीदार बन गए. आज कंपनी के पास ग्राहकों का एक बड़ा और वफादार नेटवर्क है.
100 से अधिक महिलाओं को दिया काम
सफलता की राह पर आगे बढ़ने के साथ ही ‘ऑर्गेनिक अफेयर’ के पास ऑर्डर्स की बाढ़ आ गई. जिसे अकेले संभालना नामुमकिन था. ऐसे में उन्होंने स्थानीय महिलाओं को अपने साथ जोड़ा. आज 100 से अधिक महिलाएं इस कंपनी में प्रोसेसिंग और पैकेजिंग का काम संभाल रही हैं. कंपनी इन महिलाओं को बाकायदा ट्रेनिंग भी देती है. पूनम गर्व से कहती हैं, “एक समय हम खुद रोजगार की तलाश में थे और आज हम दूसरी महिलाओं को रोजगार दे रहे हैं. पिछले 6 सालों के इस सफर में हमारी ईमानदारी ही हमारी सबसे बड़ी ताकत रही है.”
करोड़ों में पहुंचा टर्नओवर
ईमानदारी और कड़ी मेहनत की बदौलत आज इस कंपनी का सालाना टर्नओवर करोड़ों रुपये में पहुंच चुका है. बाजार की मांग के अनुसार यह आंकड़ा हर साल दो से चार करोड़ रुपये के बीच रहता है. रांची की इन दोनों बहनों की यह कामयाबी न सिर्फ उनके परिवार के लिए गौरव की बात है, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता की एक बड़ी प्रेरणा बन गई है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.